Iran Israel War : इज़रायल डिफेंस फोर्सेस (आईडीएफ) ने ईरान से छिड़ी जंग के बीच एक सनसनीखेज दावा किया है. दोनों देशों के बीच चल रहे युद्धों को लेकर इजरायल का कहना है कि ईरान द्वारा इज़रायल पर दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों में क्लस्टर बमों का वारहेड इस्तेमाल किया जा रहा है. उसने ये भी कहा कि तेल-अवीव पर अब तक ईरान की ओर से लगभग 300 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं. ऐसे में आईडीएफ का आरोप है कि इनमें से कम से कम आधे में क्लस्टर बम वारहेड लगाया गया था.
क्लस्टर बम का वारहेड इस्तेमाल
प्राप्त जानकारी के मुताबिक क्लस्टर बम वारहेड हवा में फटकर दर्जनों सब-म्यूनिशन्स फैलाते हैं, इसके साथ ही कई किलोग्राम विस्फोटक भरा होता है, जो कि लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में बेतरतीब ढंग से फैल जाते हैं. इतना ही नही बल्कि ये इलाके में बड़ी तबाही मचाते हैं. इसे लेकर आईडीएफ का कहना है कि मंगलवार को अधिकांश मिसाइलों को रोक लिया गया, लेकिन एक बड़ी वारहेड वाली मिसाइल येरुशलम के पास बेइत शेमेश के बाहर खुले इलाके में फट गई. जांच के दौरान पता चला कि इसमें क्लस्टर बम का वारहेड इस्तेमाल किया गया था. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ.
हमले में 12 इजरायलियों की मौत
बता दें कि अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर बमबारी अभियान शुरू करने के बाद इस्लामिक राष्ट्र ने क्षेत्र भर में सैकड़ों मिसाइलों और ड्रोनों से जवाबी हमला किया है, इसमें इज़रायल भी शामिल है. इस हमले को लेकर इज़रायल डिफेंस फोर्सेस ने कहा था कि उन्होंने लेबनान में हिजबुल्लाह से संबद्ध अल-क़र्ड अल-हसन एसोसिएशन के संपत्तियों और भंडारण सुविधाओं पर अतिरिक्त हवाई हमलों की एक और लहर चलाई है, जो हथियार खरीदने और आतंकवादी वेतन के लिए फंडिंग के लिए इस्तेमाल होती हैं.
मिसाइलों और ड्रोनों से ईरान के जवाबी हमले
इसके साथ ही ईरान के जवाबी हमलों में मिसाइलों और ड्रोनों से अमेरिकी सैन्य अड्डों, दूतावासों और पड़ोसी खाड़ी देशों (यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन) में नागरिक/ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है. विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास, जहां दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है.
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