Lawrence of Punjab: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को भारत सरकार द्वारा बैन किए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया है. सरकार के इस फैसले के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से कई प्रमुख नेताओं और पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को जान से मारने की धमकी दी गई है. ये धमकी सोशल मीडिया के जरिए दी गई है.
सिद्धू मूसेवाला के पिता को भी दी गई धमकी
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, पंजाब के डीजीपी गौरव यादव और दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह को धमकी दी गई है. जानकारी के अनुसार, गैंग की ओर से सोशल मीडिया के जरिए धमकी दी गई है. जिसमें कहा गया है कि ‘अपने कफन की तैयारी कर लो’. इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है. इस बीच, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने धमकी भरे संदेशों और कॉल्स की पुष्टि की.
Lawrence of Punjab को किया गया बैन
बता दें कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ मामले में ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 को पत्र लिखा है. पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने अपने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर यह पत्र साझा भी किया है. इस पत्र में ओटीपी प्लेटफॉर्म से इस वेब सीरीज को रिलीज नहीं करने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा, पत्र में 27.10.2025 को जारी ओटीटी दिशानिर्देशों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि अगर हम इस तरह के वेब सीरीज को रिलीज होने की करने की अनुमति देते हैं, तो इससे समाज में अपराध बढ़ने की आशंका बढ़ सकती है, जिसे देखते इसे रिलीज नहीं करने का फैसला ही सही रहेगा.
युवा गुमराह हो सकते हैं
मंत्रालय ने अपने पत्र में ओटीटी प्लेटफॉर्म को जारी किए गए दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि गैंगस्टर और अपराधियों पर आधारित वेब सीरीज को रिलीज करने से पहले पूरे विवेक का इस्तेमाल करें. पत्र में आगे कहा गया कि इस तरह के वेब सीरीज में युवाओं को भ्रमित करने की पूरी क्षमता होती है, जिससे युवा गुमराह हो सकते हैं. इसके अलावा, पंजाब पुलिस ने भी सूचित किया है कि अगर इस तरह के वेब सीरीज को रिलीज करने की अनुमति दी जाती है, तो इससे सामाजिक व्यवस्था तहस नहस हो सकती है. अपराधियों को महिमामंडित करना किसी भी समाज के लिए उचित नहीं है.