Lucknow: माफिया मुख्तार के करीबी पर एक्शन, LDA ने सील किया FI अस्पताल

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UP News: माफिया मुख्तार अंसारी के एक करीबी पर एक्शन हुआ है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार की दोपहर विकास प्राधिकरण ने एफआई अस्पताल को सील कर दिया है. इसके साथ ही अस्पताल के पीछे स्थित एफआई टावर के अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई भी की गई.

कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद रही पुलिस
मालूम हो कि एफआई अस्पताल और एफआई टावर विधानसभा से कुछ दूरी पर बर्लिंगटन चौराहे के बगल में स्थित है. दोपहर में दो बुलडोजर और दर्जनों पुलिसकर्मियों को देखकर वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई, स्थिति ना बिगड़े इसके लिए कार्यवाई के दौरान बड़ी संख्या में पीएसी के जवान भी मौके पर मुस्तैद रहे.

मुख्तार अंसारी के करीबी बिल्डर सिराज अहमद के न्यू एफआई हॉस्पिटल को सील करते समय एलडीए ने अस्पताल के दीवारों के चारों तरफ सीलिंग के कार्यवाई के बारे में पेंट स्प्रे से लिखकर मेन गेट की तरफ लखनऊ विकास प्राधिकरण का सीलिंग वाला टेप भी लगा दिया.

एफआई टावर के अवैध निर्णाण को तोड़ने के लिए पहुंची टीम
एफआई टावर में नियमों के विपरीत जाकर पार्किंग की जगह पर अतिक्रमण की शिकायते मिली थीं और नक्शे के विपरीत निर्माण कार्य की जानकारी मिली थी. जिसके बाद एलडीए ने नोटिस जारी किया था. आज दोपहर में एफआई टावर में पहुंची एलडीए की टीम ने अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए कई उपकरणों का उपयोग किया. लोहे के दरवाजों को तोड़ने के लिए गैस कटर तो दिवाले तोड़ने के लिए हथौड़ा, रॉड और कुदाल का उपयोग किया गया.

मुख्तार अंसारी के करीबी बिल्डर शोएब इकबाल, मोनिस इकबाल, सिराज अहमद और माइकल के खिलाफ कैसरबाग में एफआईआर दर्ज है. सिराज और माइकल को पुलिस अभी ढूंढ रही है. जबकि मोनिस को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेजा जा चुका है. एफआई टावर में बने कुछ फ्लैट और पेंटाहाउस को एलडीए ने पहले ही अवैध घोषित कर दिया था. लेकिन अभी तक उन फ्लैट पर कोई कार्यवाई नहीं हुई है. उम्मीद जताई जा रही है कि कल फिर एलडीए की टीम अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए मौजूद रहेगी.

Latest News

E-Retail Growth India: 2025 में 66 अरब डॉलर पहुंचा भारत के ई-रिटेल सेक्टर का आकार, 2030 तक 180 अरब डॉलर का अनुमान

भारत का ई-रिटेल बाजार तेजी से बढ़ रहा है. 2025 में GMV 66 अरब डॉलर पहुंच गया और 2030 तक इसके 180 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

More Articles Like This

Exit mobile version