बलाचौरिया हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में ढेर, पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था करण डिफॉल्टर

Chandigarh: कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरिया मर्डर केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. इस हत्याकांड का मुख्य शूटर करण डिफॉल्टर शनिवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में ढेर हो गया. न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर इलाके में क्रिकेट स्टेडियम के पास गांव रूरखी खाम (एयरपोर्ट रोड) पर यह मुठभेड़ हुई. सुबह करीब सात बजे शुरू हुई मुठभेड़ आधे घंटे तक चली. जवाबी कार्रवाई में करण मारा गया. बता दें कि मामले के दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में पहले ही मारे जा चुके हैं.

क्रॉस फायरिंग में करण को लगी गोली

पुलिस के मुताबिक करण डिफॉल्टर .30 बोर पिस्टल से लैस था. उसने पुलिस पर 6 से 7 राउंड फायर किए जबकि जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 9 राउंड फायरिंग की. क्रॉस फायरिंग में करण को गोली लगी. उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. SSP हंस ने मौके पर पहुंच कर इसकी पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों बलविंदर सिंह उर्फ डॉनी बल और अमरजीत सिंह उर्फ खब्बा के इशारों पर काम कर रहे थे.

कुछ सहयोगी अभी फरार

SSP ने बताया कि राणा बलाचौरिया की हत्या करने वाला शूटर आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और उसके कुछ सहयोगी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. करण रात में पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था. वह CIA स्टाफ की हिरासत में था और .30 बोर पिस्टल की रिकवरी के लिए ले उसे साथ ले जाया जा रहा था. इसी दौरान धुंध के कारण पुलिस कार डिवाइडर पर चढ़ी तो करण ने सीने में दर्द होने का बहाना बनाया.

हथकड़ी से पुलिस मुलाजिम पर हमला

जब उसे खरड़ अस्पताल ले जाया जा रहा था तो रास्ते में उसने हाथ में पहनी हथकड़ी से पुलिस मुलाजिम पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गया. इस हमले में पुलिस मुलाजिम जसपिंदर घायल हुआ है. करण के फरार होने के संबंध में रात को खरड़ थाने में FIR दर्ज की गई थी जबकि मुठभेड़ को लेकर अलग FIR दर्ज की जा रही है.

इसे भी पढ़ें. सैनिक विहार हादसे पर MLA डॉ. राजेश्वर सिंह का छलका दर्द, पीड़ित परिवार को सहयोग और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

Latest News

₹1,500 करोड़ के सुपारी सिंडिकेट पर ED का बड़ा एक्शन, काली कमाई से खरीदे आलीशान बंगले, 4 राज्यों में 20 ठिकानों पर रेड

विदेशी सुपारी की कथित तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने असम, मिजोरम, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के 20 ठिकानों पर छापेमारी की है. एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क ने ₹1,500 करोड़ से अधिक की अपराध से अर्जित आय पैदा की. कार्रवाई में ₹1.30 करोड़ नकद जब्त किए गए और 33 बैंक खाते फ्रीज किए गए.

More Articles Like This

Exit mobile version