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सेक्टर-39 थाना पुलिस ने शनिवार देर रात सेक्टर-97 स्थित अंडरपास के पास मुठभेड़ के दौरान आठ बदमाशों को दबोच लिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में दो बदमाश घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी गिरोह बनाकर दिल्ली-एनसीआर में लगे मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चोरी करते थे। फिलहाल पुलिस चोरी का माल खरीदने वाले दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। डीसीपी यमुना प्रसाद (DGP Yamuna Prasad) ने बताया कि पुलिस की टीम शनिवार रात गश्त कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली कि सेक्टर-97 बख्तावरपुर गांव स्थित अंडरपास के निकट कार में बदमाश आने वाले हैं। टीम ने चेकिंग शुरू कर दी, तभी पुलिस टीम को दो कार आती दिखाई दीं।
उन्हें रोकने का इशारा किया तो चालक मुड़कर भागने लगे। टीम ने पीछा किया, तो हड़बड़ाहट में बिना नंबर प्लेट की एक कार फुटओवर ब्रिज के सामने सर्विस रोड पर पेड़ से टकरा गई। कार सवार बदमाशों ने उतरते ही पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। आरोपियों की पहचान हापुड़ के बझेड़ाकला गांव निवासी आबिद और फारूख के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उनके छह साथियों को खोजबीन के दौरान दबोच लिया।
उनकी पहचान हापुड़ के मोहम्मदपुर रुस्तमपुर गांव निवासी फैजान, बिजनौर के पीतानेरी गांव निवासी मोहम्मद कैफ, मेरठ के किला परीक्षितगढ़ निवासी मुम्ताज, बिजनौर के मोहल्ला नायक सराय निवासी मोहम्मद मोईन, शामली के कैराना निवासी इस्तखार और संभल के राय इमामबाड़ा निवासी आयान के रूप में हुई। सभी आरोपी गाजियाबाद की ट्रोनिका सिटी स्थित आजाद एन्कलेव में किराये पर रह रहे थे।
चोरी का माल बरामद:
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो तमंचे, कारतूस, चार रेडियो रिसीवर, दो केबल बंडल, एक डीसीडीबी बॉक्स, वायर कटर, प्लास, तीन ‘सी क्लेम’, एक आरी, पांच आरी ब्लेड, एक टेस्टर, पाना, पेचकस और दो बिना नंबर प्लेट वाली कारें बरामद की गईं।जांच में सामने आया कि एक आरआरयू यूनिट चोरी करने पर उन्हें 70 से 80 हजार रुपये मिलते थे, जिसे वे आपस में बांट लेते थे। आरोपियों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से मोबाइल टावरों के महंगे उपकरण चुराने का काम कर रहे थे।
अब तक वे दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कई टावरों को निशाना बना चुके हैं। चोरी का माल वे दिल्ली में अपने साथियों हातिम और मोहसीन को कम दाम पर बेच देते थे। पुलिस इन दोनों खरीदारों की तलाश में जुटी है और उनके खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। रेकी करने के बाद घटना को अंजाम देते थे एसीपी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि दिन के समय में वह मोबाइल टावर की रेकी कर उसे चिह्नित कर लेते थे।
चिह्नित किए गए टावर पर रात के समय पहुंच जाते थे। दो-तीन साथी मोबाइल टावर पर चढ़ जाते थे और औजारों की मदद से उनमें लगे रेडियो रिसिवर यूनिट, बैटरी और अन्य कीमती उपकरण चोरी कर लेते थे। चोरी करने के बाद सामान को कार में रखकर फरार हो जाते थे। आरोपियों के खिलाफ पहले से केस दर्ज पुलिस के मुताबिक आरोपियों का आपराधिक इतिहास है। आबिद के खिलाफ वर्ष 2018 से लेकर अब तक मेरठ, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर में 11 मुकदमे दर्ज हैं। फारूख के खिलाफ हापुड़ और नोएडा में चार, फैजान के खिलाफ नोएडा में तीन, मोहम्मद कैफ के खिलाफ तीन, मुम्मताज के खिलाफ चार, मोम्मद मोईन के खिलाफ तीन, इस्तखार के खिलाफ तीन और आयान के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं।
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