Pakistan News: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हमलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी क्रम में यहां एक और बड़ा आतंकवादी हमला हुआ है. बाजौर जिले के मलंगी इलाके में एक मिलिट्री चेकपॉइंट को निशाना बनाकर किए गए आत्मघाती हमले में कम से कम 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए. मरने वालों में एक पुलिसकर्मी और नौ फ्रंटियर कॉर्प्स (पैरामिलिट्री) के जवान शामिल हैं. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि मलबे में अभी भी लोगों के फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है.
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिस बिल्डिंग को निशाना बनाया गया, वह पहले एक मदरसा था, लेकिन बाद में उसे सिक्योरिटी चेकपॉइंट में बदल दिया गया. हमलावरों ने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी को तेज गति से चेकपॉइंट में घुसा दिया, जिससे एक शक्तिशाली धमाका हुआ. धमाका इतना शक्तिशाली था कि इससे बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से नष्ट हो गया और आसपास के इलाके को नुकसान पहुंचा. इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया.
किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी
हमले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह एक आत्मघाती हमला था, जिसमें हमलावर ने विस्फोटकों से लदी गाड़ी का इस्तेमाल किया. घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है. प्रशासन ने इमरजेंसी की स्थिति घोषित कर दी है और मेडिकल सुविधाओं को अलर्ट पर रखा है. अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन इस इलाके में सक्रिय आतंकवादी समूहों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा रहा है.
सीएम ने की हमले की निंदा
पाकिस्तानी सुरक्षा बल कई वर्षों से खैबर पख्तूनख्वा और उसके सीमावर्ती इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं, फिर भी समय-समय पर ऐसे हमले होते रहते हैं. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे कायरतापूर्ण हरकत बताया और वादा किया कि अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दी जाएगी. उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों को सबसे अच्छे इलाज का आश्वासन दिया. घटना पर पाकिस्तानी सेना की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है.