Prayagraj Floods: प्रयागराज में गंगा और यमुना का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है. बाढ़ से शहर के कई मोहल्ले प्रभावित होने लगे हैं. शहर के तटीय इलाके में स्थित नेवादा, गंगानगर, राजापुर, बेली, चिल्ला, छोटा बघाड़ा व दारागंज की दर्जनों गलियों में बाढ़ का पानी पहुंच गया हैं. घरों में भी पानी घुसने लगा है. इससे सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं. उन्हें राहत शिविरों में शरण लेने को विवश होना पड़ा है. बाढ़ को देखते हुए दो राहत शिविर शुरू हो गए हैं.

गंगा और यमुना का जलस्तर मंगलवार सुबह भी बढ़ाव पर रहा. पहाड़ों पर हो रही तेज वर्षा से दोनों नदियां खतरे के निशान को छूने को बेताब दिख रही हैं. आज मंगलवार सुबह गंगा का जलस्तर 82.88 मीटर पर तो यमुना का 82.39 मीटर पर पहुंच गया. मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड में हो रही बारिश का पानी यमुना में आ रहा है. माताटीला व हथिनीकुंड बांधों का पानी यमुना में छोड़ा जा रहा है.
उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का पानी गंगा में आ रहा है. कानपुर बैराज, हरिद्वार बैराज के साथ नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़ा जा रहा. टोंस व बेलन नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है. वहीं, टोंस में रीवा के बाणसागर बांध से पानी छोड़ा जा रहा है.

एडीएम वित्त एवं राजस्व तथा जिला आपदा अधिकारी विनीता सिंह ने बताया कि निचले इलाकों में बाढ़ का पानी आने से वहां रहने वाले लोग राहत शिविर में पहुंच गए हैं. एनडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दल को तैनात कर दिया गया है. शहर में आठ स्थानों पर तथा मेजा, करछना व झूंसी में पांच स्थानों पर नावों का संचालन हो रहा है. बाढ़ पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है.

