Red Fort Terror Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को लाल किला धमाका मामले के आरोपित जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश को डिफाल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया.
अदालत ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली जासिर बिलाल की अपील याचिका खारिज कर दी. जासिर ने तय समयसीमा के भीतर जांच एजेंसी द्वारा जांच न पूरी या आरोपपत्र न दाखिल करने के आधार पर डिफाल्ट जमानत की मांग की थी.
जासिर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग का रहने वाला है और एनआईए ने उस पर 10 नवंबर 2025 को लाल किला इलाके में हुए कार बम धमाके में सक्रिय रूप से साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है.
आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने बताया कि वानी, जिसे दानिश के नाम से भी जाना जाता है, ने उमर के साथ काम किया था. उमर वही व्यक्ति था, जो हुंडई i20 कार चला रहा था, जिसमें लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका हुआ था. NIA के अनुसार, आरोपी इस हमले के पीछे एक सक्रिय साज़िशकर्ता था और उसने आतंकी नरसंहार की योजना बनाने के लिए आतंकवादी उमर-उन-नबी के साथ मिलकर काम किया था.