वैशाली से दुखद खबरः गंडक नदी में डूबने से दो महिलाओं की मौत, दो बच्चे लापता, शादी की खुशी में मातम

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

सोनपुरः बिहार से दुखद खबर सामने आई है. यहां एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. शादी की खुशियां मातम में तब्दील हो गई. बेटी की शादी के बाद बुधवार को ‘चौठारी पूजन’ की रस्म निभाने गईं दो महिलाओं और दो बच्चों सहित चार लोग सोनपुर के बैजलपुर जड़भरत स्थान के समीप गंडक नदी में डूब गए. दो महिलाओं के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि दो बच्चों की तलाश जारी है.

शादी के बाद ‘चौठारी पूजन’ के लिए नदीं पर गई थी महिलाएं-बच्चे

जानकारी के मुताबिक, जनार्दन सिंह की बेटी की शादी सोमवार को स्थानीय गोपालपुर में हुई थी और मंगलवार को विदाई संपन्न हुई. बुधवार को परिवार की महिलाएं और रिश्तेदार ‘चौठारी पूजन’ के लिए गंडक नदी के घाट पर पहुंचे थे.

डूब रहे लोगों को बचाने के लिए दौड़ पड़े नाविक

पूजन से पहले सभी स्नान करने लगे. इसी दौरान गहरे पानी और तेज धार की वजह से दो महिलाएं और दो बच्चे बहने लगे. वहां मौजूद लोगों के शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण और नाविक बचाव के लिए दौड़े. स्थानीय मल्लाहों की तत्परता से दोनों महिलाओं को नदी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी स्थिति काफी नाजुक हो चुकी थी.

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और SDRF की टीम

घटना की सूचना मिलते ही सीओ राजकुमार, थानाध्यक्ष दिलीप कुमार और SDRF की टीम मौके पर पहुंची. नदी से निकाली गई दोनों महिलाओं को तत्काल सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया.

इस रूप में हुई मृतक महिलाओं की पहचान

मृतकों की पहचान दुल्हन की मां बबीता देवी (45 वर्ष) और उसकी मामी (नालंदा जिले के नूरसराय निवासी रवि सिंह की पत्नी) 35 वर्षीय गुड़िया देवी के रूप में हुई है. गुड़िया देवी का 12 वर्षीय पुत्र रिशु कुमार और 15 वर्षीय पुत्री रिचा कुमारी अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है.

घटना से शोक के सागर में डूबे गांववासी

इस घटना से जहां मृतकों के घर कोहराम मच गया. वहीं गांववासी शोक के सागर में डूब गए. भीषण गर्मी और लू के बावजूद नदी किनारे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमी रही. परिवार सहित अन्य लोगों की निगाहे नदी पर इस आस में टिकी रही कि शायद अब-तब बच्चों का पता चल सके. खबर लिखे जाने तक बच्चों की तलाश जारी थी.

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