ईरान के प्रस्ताव को अमेरिका ने किया खारिज, भड़का तेहरान, बोला- ‘ट्रंप को खुश करने की…’

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रही है. एक तरफ अमेरिका समझौते का दबाव बना रहा है, वहीं ईरान मुआवजे और प्रतिबंधों को हटाने की मांग पर अड़ा है. यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव पर तेहरान के जवाब को खारिज किए जाने पर ईरान की सरकारी मीडिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, कहा कि अमेरिका की प्रस्तावित योजना ‘ट्रंप के लालच के आगे ईरान के आत्मसमर्पण’ जैसी थी.

ईरान के आधिकारिक मीडिया संस्थान IRIB ने अपने बयान में जोर देकर कहा कि अमेरिकी योजना का मतलब ‘ट्रंप के लालच के आगे ईरान का आत्मसमर्पण’ है. वहीं, तेहरान की यह प्रतिक्रिया ‘ईरानी राष्ट्र के मौलिक अधिकारों’ की रक्षा के लिए है. ईरान का मानना है कि ट्रंप का शांति प्रस्ताव एकतरफा है और यह ईरान की संप्रभुता को चोट पहुंचाने की कोशिश है. साथ ही यह भी कहा गया कि यहां कोई भी ट्रंप को खुश करने के लिए कोई प्रस्ताव तैयार नहीं करता. अगर ट्रंप हमारे जवाब से खुश नहीं हैं, तो यह अच्छा है.

IRIB के अनुसार, तेहरान के नए प्रस्ताव में अमेरिका से युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की मांग, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी खत्म करना और तेल निर्यात की परमिशन देना, लेबनान में सीजफायर, समझौते के तत्काल बाद युद्ध खत्म करना, सभी अमेरिकी प्रतिबंध हटाना और ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करना, ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंध हटाना, होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान कंट्रोल और इसे फाइनल करने के लिए युद्ध के बाद 30 दिवसीय वार्ता शामिल है.

ईरान का जवाब ट्रंप ने किया खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति प्रस्ताव पर ईरान की ओर से दिए गए जवाब को खारिज कर दिया. रविवार को ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्हें ईरान की प्रतिक्रिया बिल्कुल पसंद नहीं आई और उन्होंने इसे अमेरिका के लिए “पूरी तरह अस्वीकार्य” करार दिया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जारी एक बयान में ट्रंप ने कहा कि ईरान का जवाब उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा. ट्रंप ने ईरान पर दशकों से अमेरिका को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए लिखा, ‘ईरान पिछले 47 वर्षों से अमेरिका और पूरी दुनिया के साथ केवल ‘देरी’ करने का खेल, खेल रहा है. उन्होंने हमारे महान देश का मजाक उड़ाया है, लेकिन अब वे और नहीं हंस पाएंगे.’

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