Belfast Violence: आयरलैंड दंगे की आग में जल रहा है. उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट में एक व्यक्ति पर हुए क्रूर चाकू वार के बाद तनाव काफी बढ़ गया है. घटना के विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए और वाहनों और को आग को हवाले कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अपनी बख्तरबंद यूनिट को तैनात करना पड़ा है.
इस हमले को अधिकारियों ने बेहद क्रूर बताया है, जिसमें पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई राजनीतिक नेताओं ने इस हिंसा की कड़ी निंदा की है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
मामले में एक सूडानी नागरिक गिरफ्तार
उत्तरी आयरलैंड की पुलिस ने मंगलवार को चाकू हमले के सिलसिले में एक 30 वर्षीय सूडानी नागरिक को अरेस्ट किया. सोमवार की देर रात उत्तरी बेलफास्ट में हुए इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था. वीडियो सामने आने के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस घटना को भयावह करार दिया. हालांकि, पुलिस इस घटना को आतंकवाद से जोड़कर नहीं देख रही है.
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तरी आयरलैंड के सहायक मुख्य कांस्टेबल रयान हेंडरसन ने इसे गंभीर घटना घोषित किया. उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि कल रात हत्या के इस प्रयास से लोगों के मन में डर और गुस्से की भावनाएं पैदा होगी. लेकिन मैं इस स्थिति में सभी समुदायों से शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपील करता हूं.”
हेंडरसन ने बताया कि 40 वर्षीय पीड़ित की आंखों पर गंभीर चोटें आई हैं. रसोई में इस्तेमाल होने वाले चाकू से किए गए इस क्रूर हमले में पीड़ित के चेहरे और पीठ पर गहरे घाव लगे हैं. सामने आए फुटेज में देखा जा सकता है कि पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद कुछ आम लोगों ने हमलावर को रोकने और उससे मुकाबला करने की कोशिश की थी.
पुलिस ने आरोपी सूडानी नागरिक को हत्या के प्रयास के संदेह में हिरासत में लिया है. अधिकारियों के अनुसार, यह व्यक्ति स्थानीय स्तर पर ही रह रहा था और डबलिन से यात्रा कर यहां आने के बाद उसे प्रांत में रहने की अनुमति मिली हुई थी. आरोपी पर कई आरोप लगाए गए हैं और उसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा.
यह घटना ब्रिटेन में पहले से मौजूद भारी तनाव के बीच हुई है. हाल ही में एक छात्र की हत्या के बाद देश में माहौल गरमाया हुआ है, छात्र की हत्या एक सिख व्यक्ति ने की थी, जिसने नस्लवादी हमले का झूठा आरोप लगाया था और पुलिस की हथकड़ी में रहते हुए छात्र की मौत हो गई थी. इसके अलावा, इमिग्रेशन को लेकर भी देश में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कई लोकलुभावन पार्टियों का आरोप है कि ब्रिटेन की शरणार्थी नीति ने खतरनाक लोगों को देश में घुसने की छूट दे दी है.