Nagaland Floods: नगालैंड में आफत की बारिश हो रही है. मोन जिले में लगातार बारिश की वजह से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है. राज्य सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को पांच और शव बरामद किए गए, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश में खोज एवं बचाव अभियान जारी है.
लागातार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. बुनियादी ढांचे, कृषि भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नुकसान का आकलन अभी जारी है और तबाही के आंकड़े आगे और बढ़ने की आशंका है.
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारियों की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य भर में बारिश के इस कहर से कम से कम 7,460 लोग प्रभावित हुए हैं.
नागालैंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा से मोन जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. यहां भूस्खलन की घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई, जिनमें से पांच मौतें मोन टाउन के शांतम वार्ड में हुई हैं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि नागिनीमोरा में अचानक आई बाढ़ में बहे चार लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है. इनमें से एक व्यक्ति को फ्रैक्चर हुआ है, जबकि तीन अन्य को मामूली चोटें आई हैं. चार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है.
मवेशियों और घरों को भारी नुकसान
प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, दस जिलों के 93 गांवों में कुल 64 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं. अधिकारियों ने आगाह किया है कि जैसे-जैसे सर्वेक्षण का काम आगे बढ़ेगा, इन आंकड़ों में वृद्धि होने की पूरी संभावना है. इस प्राकृतिक आपदा का भारी असर कई जिलों में पशुधन (मवेशियों) पर भी पड़ा है. बाढ़ और भूस्खलन से कम से कम 83 जानवरों की मौत हो चुकी है, जिनमें 15 मिथुन (पूर्वोत्तर का एक प्रमुख मवेशी), 13 मवेशी (गाय-बैल) और 53 सुअर शामिल हैं.
यहां पर भारी तबाही
शमाटोर जिले में प्रभावित निवासियों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है, जहां व्यापक भूस्खलन के कारण 6 गांवों के लगभग 7,000 लोग प्रभावित हुए हैं. जिलेवार प्रभाव का विवरण देते हुए एनएसडीएमए की रिपोर्ट में बताया गया कि तुएनसांग जिले के 12 गांव आपदा की चपेट में आए हैं, जिससे वहां 201 लोग प्रभावित हुए हैं.