Trump action: ईरान को हथियार खरीदने में मदद करने वालों पर ट्रंप का एक्शन, दस कंपनियों पर लगाया बैन

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Trump action: ईरान को हथियार खरीदने में मदद करने वालों के खिलाफ ट्रंप ने एक्शन लिया हैं. अमेरिका ने शुक्रवार को चीन और हांगकांग सहित 10 व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है. ट्रंप ने इन पर आरोप लगाया है कि ईरान को शाहिद ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में इस्तेमाल होने वाले हथियारों के पुर्जे और कच्चा माल खरीदने में मदद की है.

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा घोषित ये प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के आगामी चीन दौरे से कुछ दिन पहले लगाए गए हैं. ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बातचीत के लिए बीजिंग जाने वाले हैं. यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब ईरान से जुड़े संघर्ष को समाप्त करने के राजनयिक प्रयास फिलहाल ठप पड़े हुए हैं.

ट्रेजरी विभाग ने कहा कि वह ईरान के सैन्य-औद्योगिक नेटवर्क के खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठाने के लिए तैयार है, ताकि तेहरान को अपनी उत्पादन क्षमताओं को फिर से विकसित करने से रोका जा सके.

विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि वह ईरान के अवैध व्यापार में शामिल विदेशी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तैयार है, जिनमें एयरलाइंस भी शामिल हैं. इसके अलावा ईरान की मदद करने वाली वित्तीय संस्थाओं पर भी सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, विशेषकर उन संस्थाओं पर, जो चीन की स्वतंत्र टीपॉट तेल रिफाइनरियों से जुड़ी हैं.

हालांकि, एरिक्सन ने कहा कि ये प्रतिबंध अभी भी काफी सीमित दायरे में हैं, जिससे ईरान को वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं के जरिए अपनी खरीद-फरोख्त की गतिविधियों को दूसरे रास्तों से जारी रखने का समय मिल गया है. उन्होंने कहा कि ट्रेजरी विभाग ने अभी तक उन चीनी बैंकों को निशाना नहीं बनाया है, जो लगातार ईरान की अर्थव्यवस्था को समर्थन दे रहे हैं.

इस संस्थाओं पर लगाए गए प्रतिबंध

जिन संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें चीन की युशिता शंघाई इंटरनेशनल ट्रेड कंपनी लिमिटेड शामिल है, जिस पर ईरान को चीन से हथियार खरीदने में मदद करने का आरोप है. इसके अलावा दुबई की एलीट एनर्जी FZCO पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिस पर आरोप है कि उसने खरीद की गतिविधियों में शामिल हांगकांग की एक कंपनी को लाखों डॉलर ट्रांसफर किए थे.

प्रतिबंधों की सूची में हांगकांग की HK हेसिन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड और बेलारूस की आर्मरी अलायंस LLC भी शामिल हैं. इन पर आरोप है कि इन्होंने खरीद-फरोख्त के सौदों में बिचौलिए के तौर पर काम किया. साथ ही, हांगकांग स्थित मस्टैड लिमिटेड पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिसने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के लिए हथियारों की खरीद में मदद की थी.

इसके अलावा, ईरान की पिशगाम इलेक्ट्रॉनिक सफेह कंपनी पर ड्रोन मोटर हासिल करने का आरोप लगाया गया है, जबकि चीन स्थित हिटेक्स इंसुलेशन निंगबो कंपनी लिमिटेड पर बैलिस्टिक मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की कथित तौर पर आपूर्ति करने के लिए प्रतिबंध लगाए गए हैं.

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक ऊर्जा पर प्रभाव

ऑब्सिडियन रिस्क एडवाइजर्स के मैनेजिंग प्रिंसिपल ब्रेट एरिक्सन ने कहा कि इन प्रतिबंधों का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाली कमर्शियल शिपिंग को बाधित करने और क्षेत्रीय सहयोगियों को धमकाने की ईरान की क्षमता को सीमित करना है.

संघर्ष शुरू होने के बाद से इस रणनीतिक जलमार्ग से शिपिंग की गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया है. ब्रिटिश सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त सेंटर फॉर इंफॉर्मेशन रेजिलियंस के मुताबिक, ईरान के पास हर महीने लगभग 10,000 ड्रोन बनाने की क्षमता है.

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