इजरायल और सऊदी अरब को अरबों डॉलर के हथियार बेचने के सौदे को अमेरिका ने दी मंजूरी

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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वाशिंगटन: इजरायल और अरब को अरबों डॉलर के हथियार बेचने के सौदे को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मंजूरी दे दी है. इससे मध्य-पूर्व में जारी तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है. ट्रंप ने इजरायल को कुल 6.67 अरब अमेरिकी डॉलर और सऊदी अरब को 9 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के हथियारों की बड़ी नई श्रृंखला की बिक्री को मंजूरी दी है. इन सौदों की घोषणा शुक्रवार देर रात अमेरिकी विदेश विभाग ने की, जो पश्चिम एशिया में ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य हमलों की आशंका के बीच तनाव बढ़ने के समय हुई है.

विदेश विभाग ने पहले ही शुक्रवार को इन सौदों की मंजूरी की जानकारी अमेरिकी कांग्रेस को दी थी, जिसके बाद इन्हें सार्वजनिक किया गया. यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब ट्रंप गाजा के लिए अपनी युद्धविराम योजना को आगे बढ़ा रहे हैं, जिसका उद्देश्य इजराइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना, फलस्तीनी क्षेत्र का पुनर्निर्माण और पुनर्विकास करना है. दो वर्षों से अधिक समय से जारी युद्ध में गाजा पूरी तरह तबाह हो चुका है और इसमें अब तक दसियों हजार लोगों की मौत हो चुकी है.

अमेरिका की ओर से सऊदी अरब के साथ बड़ा सौदा

अमेरिका की ओर से सऊदी अरब को 730 पैट्रियट एडवांस्ड कैपेबिलिटी-3 (PAC-3) मिसाइल सेगमेंट एन्हांसमेंट मिसाइलों और संबंधित उपकरणों की आपूर्ति की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 9 अरब डॉलर है. विदेश विभाग ने कहा कि यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को मजबूत करेगा, क्योंकि इससे एक प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी देश (मेजर नॉन-नाटो एलाइ) की सुरक्षा बढ़ेगी, जो खाड़ी क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.  यह उन्नत क्षमता सऊदी अरब, अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों की थल सेनाओं की रक्षा करेगी और क्षेत्र में एकीकृत वायु और मिसाइल रक्षा प्रणाली में सऊदी अरब के योगदान को काफी बढ़ाएगी.

इजरायल के साथ हुए अमेरिकी सौदे में चार अलग-अलग पैकेज में विभाजित हैं, जिनकी कुल लागत 6.67 अरब डॉलर है. इनमें  30 AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और उनसे जुड़े उपकरण, हथियार तथा रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं, जिनकी लागत: 3.8 अरब डॉलर तक है. इसके अलावा 3,250 जॉइंट लाइट टैक्टिकल व्हीकल (JLTV) या हल्के सामरिक वाहन (लागत: 1.98 अरब डॉलर) हैं. ये वाहन सैनिकों और लॉजिस्टिक्स की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होंगे. वहीं आर्मर्ड पर्सनल कैरियर के लिए पावर पैक भी मिलेगा, जिसकी लागत 740 मिलियन डॉलर है. इसके अलावा 150 मिलियन डॉलर तक की लागत वाले कुछ हल्के यूटिलिटी हेलीकॉप्टर भी हैं.

और मजबूत होगी इजरायल की सुरक्षा

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि यह सौदे क्षेत्र में सैन्य संतुलन को प्रभावित नहीं करेंगे और इजरायल की वर्तमान तथा भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करेंगे. अमेरिका ने दोहराया कि इजरायल की सुरक्षा उसके राष्ट्रीय हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.  इन सौदों की घोषणा पर कुछ डेमोक्रेटिक सांसदों ने आपत्ति जताई है, जिनमें हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी के रैंकिंग सदस्य ग्रेगरी मीक्स शामिल हैं, जिन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने कांग्रेस की निगरानी को नजरअंदाज किया है. हालांकि, ये सौदे कांग्रेस की समीक्षा के अधीन हैं और निर्माताओं के साथ बातचीत के बाद ही अंतिम रूप लेंगे.  ये कदम मध्य पूर्व में ईरान के साथ बढ़ते तनाव और गाजा युद्धविराम की नाजुक स्थिति के बीच अमेरिका की क्षेत्रीय रणनीति को दर्शाते हैं.

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