US Iran Tension: लंबे समय से मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और टकराव के बीच अब शांति की एक हल्की किरण नजर आने लगी है. एक ओर जहां अमेरिका और ईरान के बीच हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं. इसी माहौल में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान के साथ चल रही जंग अब खत्म होने के करीब है.
वॉशिंगटन से आई खबरों के अनुसार
वॉशिंगटन से आई खबरों के अनुसार, ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि वह इस जंग को लगभग समाप्ति की ओर मानते हैं. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह लगभग खत्म होने वाला है. मेरे नजरिए से यह बहुत करीब है.” हालांकि, यह बयान ऐसे समय में आया है, जब तेहरान के साथ बातचीत पूरी तरह किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है और दोनों पक्षों के बीच गतिरोध बना हुआ है.
अपने बड़बोले बयानों के लिए अक्सर अपनी किरकिरी कराने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की रणनीतिक स्थिति मजबूत है. ट्रंप ने कहा कि अगर अभी अमेरिका पीछे हट जाए, तो ईरान को अपने देश को दोबारा खड़ा करने में 20 साल लग सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और आगे क्या होता है, यह देखना बाकी है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है और वह इसके लिए काफी उत्सुक है. ट्रंप के अनुसार, “मुझे लगता है कि वे बहुत बुरी तरह से समझौता करने के लिए परेशान हैं.” इस बीच, दोनों देशों के बीच दोबारा बातचीत शुरू होने की संभावना भी जताई जा रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, पहले दौर की बातचीत इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका. अब दूसरी बैठक की संभावना पर विचार किया जा रहा है.
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका इस बात पर विचार कर रहा है कि बातचीत का दूसरा दौर कब और कहां आयोजित किया जाए? संभावना जताई जा रही है कि एक बार फिर इस्लामाबाद को ही बैठक का स्थान चुना जा सकता है. इस बार भी अमेरिकी डेलीगेशन की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर सकते हैं. इसके अलावा ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जैरेड कुशनर भी संभावित वार्ता में शामिल हो सकते हैं. ये दोनों नेता जंग शुरू होने से पहले से ही कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा रहे हैं और अब भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.
ट्रंप ने अपने तीन सीनियर सलाहकारों जेडी वेंस, विटकॉफ और कुशनर को इस पूरे विवाद का कूटनीतिक समाधान तलाशने की जिम्मेदारी सौंपी है. हाल ही में इन नेताओं ने ईरानी अधिकारियों और मध्यस्थों के साथ करीब 21 घंटे तक लंबी बातचीत की थी, ताकि किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ा जा सके. हालांकि, अभी तक दूसरी बैठक को लेकर कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि भविष्य की बातचीत पर चर्चा जारी है, लेकिन फिलहाल कोई तारीख तय नहीं की गई है.