US Iran Tension: US नेवी का अरब सागर में बड़ा एक्शन, ईरानी जहाज को लौटना पड़ा वापस

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran Tension: इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की बातचीत की कोशिश नाकाम हो गई है. ट्रंप ने अपने डेलिगेशन वापस बुलाने का ऐलान कर दिया है और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान से वापस ईरान के लिए रवाना हो गए. इन सब के बीच स्ट्रटे ऑफ होर्मुज बंद है और पर्शियन गल्फ में अमेरिकी नेवी ने ब्लॉकेड जारी रखा है. इसी नेवल ब्लॉकेड के तहत US नेवी ने शनिवार को अरब सागर में व्यापारिक जहाज़ M/V Sevan को रोका. यह जहाज़, जिसे ईरान के “शैडो फ्लीट” का हिस्सा माना जाता है, उसे अपना रास्ता बदलने पर मजबूर किया गया और अब उसे ईरानी जलक्षेत्र की ओर वापस ले जाया जा रहा है.

यह ऑपरेशन, जिसकी अगुवाई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Pinckney (DDG 91) ने की, US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के तेहरान के अवैध ऊर्जा निर्यात को रोकने के प्रयासों में एक बड़ा कदम है. US सेंट्रल कमांड के मुताबिक, जहाज़ M/V Sevan उन 19 “शैडो फ्लीट” जहाज़ों में से एक था, जिन पर US ट्रेजरी विभाग ने ईरानी ऊर्जा उत्पादों- जिसमें तेल, गैस, प्रोपेन और ब्यूटेन शामिल हैं, को विदेशी बाज़ारों तक पहुँचाने से जुड़ी गतिविधियों के लिए प्रतिबंध लगाए थे.

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, “आज सुबह, अरब सागर में गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS Pinckney (DDG 91) के एक US नेवी हेलीकॉप्टर ने Sevan को रोका और यह व्यापारिक जहाज़ अब US सेना के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षा घेरे में ईरान की ओर वापस लौट रहा है.”

CENTCOM ने आगे कहा कि US सेना ईरानी बंदरगाहों में आने या वहां से जाने वाले जहाज़ों पर प्रतिबंधों को लागू करना और नाकेबंदी बनाए रखना जारी रखे हुए है. बयान में कहा गया, “US सेना US प्रतिबंधों को लागू करना और ईरानी बंदरगाहों में आने या वहां से जाने वाले जहाज़ों पर नाकेबंदी को पूरी तरह से लागू करना जारी रखे हुए है. नाकेबंदी शुरू होने के बाद से अब तक 37 जहाज़ों का रास्ता बदला गया है.”

इससे पहले शनिवार को US युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि US ने ईरानी-संबंधी जहाज़ों को निशाना बनाते हुए अपनी नौसैनिक नाकेबंदी का विस्तार किया है. उन्होंने कहा कि यह नाकेबंदी ओमान की खाड़ी से लेकर अन्य जलक्षेत्रों तक फैली हुई है और इसे US नेवी द्वारा लागू किया जा रहा है.

हेगसेथ ने कहा कि US ईरान के संबंध में कूटनीतिक और सैन्य, दोनों तरह के दृष्टिकोण अपना रहा है. उन्होंने कहा, “ईरान के पास एक महत्वपूर्ण विकल्प है, एक समझौता करने का मौका है,” और साथ ही यह भी जोड़ा कि US मानदंडों के तहत पहचाने गए जहाज़ों को- जिनमें ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाज़ भी शामिल हैं, वापस लौटा दिया गया है.

उन्होंने यह भी कहा कि 34 गैर-ईरानी जहाज़ों को जाँच-पड़ताल के बाद वहां से गुज़रने की अनुमति दी गई है. हेगसेथ के मुताबिक, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई है, जहां नाकेबंदी शुरू होने से पहले ईरानी बंदरगाहों से निकले ईरान से जुड़े दो जहाज़ों को ज़ब्त कर लिया गया.

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