Saudi Airstrikes: यमन में फिर जंग तेज हो गई है. यमन के सना प्रांत में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के हवाई हमलों में 33 लोगों की जान चली गई. मरने वालों में 13 बच्चे और आठ महिलाएं शामिल हैं. हमलों में 39 लोग घायल भी हुए हैं. हूती अधिकारियों ने रविवार को यह दावा किया.
देश में फिर से शुरू हुए गृहयुद्ध के बीच मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यमन में संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद से अब तक 1,600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी हैं, जबकि तीन लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं.
हताहतों में ज्यादातर महिलाएं-बच्चे
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबाही ने एक पोस्ट में बताया कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना के पूर्व में स्थित अल-शरिया गांव को निशाना बनाया. इस हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है, जबकि 39 लोग घायल हैं.
हूती समाचार एजेंसी सबा ने शनिवार को बताया था कि हमले के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान जारी है. एजेंसी ने आरोप लगाया कि “विमानों ने दो बार हमले कर राहत एवं बचावकर्मियों को भी निशाना बनाया.” अल-असबाही ने कहा, “लगभग अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, मृतकों में 12 पुरुष, 8 महिलाएं और 13 बच्चे शामिल हैं. वहीं, घायलों में 16 पुरुष, 10 महिलाएं और 13 बच्चे हैं.”
ईरान समर्थित हूती संगठन के अल-मसीरा टीवी ने हमले से जुड़ा एक वीडियो भी प्रसारित किया है. चैनल के अनुसार, यह वीडियो अल-शरिया गांव में बनाया गया था. इसमें हमले वाली जगह से धुआं उठता दिखाई दे रहा है. आसपास मलबे के ढेर और अस्पताल में भर्ती घायल लोग भी नजर आ रहे हैं.
हमले के दावों पर सऊदी अरब ने नहीं दी प्रतिक्रिया
यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में लड़ रहे सऊदी अरब ने इन हवाई हमलों से जुड़ी रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हालांकि, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसने रियाद प्रांत की ओर दागी गई हूती मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया है.
दूसरी तरफ हूतियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब और यमन में सऊदी सैनिकों तथा सैन्य और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाकर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि संगठन ने छह सैन्य अभियान चलाए. इनमें सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं, रियाद एयरपोर्ट और सीमा के दोनों ओर स्थित सऊदी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.

