West Asia: दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप के आसपास एक विस्फोट होने की खबर सामने आई है. यह जानकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने दी है. शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, इन धमाकों की आवाजों की सही वजह का अभी तक पता नहीं चल सका है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और हमले जारी हैं.
मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि इन धमाकों का संबंध क्षेत्र में जारी संघर्ष से हो सकता है. एजेंसी के मुताबिक, आज सुबह अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत और फारस की खाड़ी के तटीय क्षेत्रों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान की सेना ने तत्काल कार्रवाई की.
तटीय क्षेत्रों में हुए ये धमाके इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के उन आधिकारिक बयानों से मेल खाते हैं, जिनमें अमेरिका की कार्रवाई के कारण हुए नुकसान का विवरण दिया गया था.
क्या कहा आईआरजीसी ने?
ईरानी मीडिया के मुताबिक, आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका ने आज सुबह जास्क, सीरिक और केश में कई ठिकानों पर हमले किए. इन हमलों में सीरिक में एक दूरसंचार टावर क्षतिग्रस्त हो गया और शहर में दो पानी की टंकियां नष्ट हो गईं. साथ ही, झड़पें अभी भी जारी हैं.
ईरान की धरती पर इन हमलों के साथ ही बुधवार को पश्चिम एशिया के जारी संघर्ष का दायरा और बढ़ गया. तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन में मौजूद अमेरिका के पांचवें बेड़े (यूएस फिफ्थ फ्लीट) पर ड्रोन अटैक किया.
इस कार्रवाई का विवरण देते हुए ईरानी मीडिया ने बताया कि आईआरजीसी नौसेना ने रात ढाई बजे बहरीन में अमेरिका के पांचवें बेड़े को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया. आईआरजीसी के बयान में यह भी कहा गया कि यदि अमेरिका की कथित आक्रामक कार्रवाई जारी रही तो उसे और अधिक गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
क्या कहा सेंटकॉम ने?
यह तनाव तब और बढ़ गया, जब अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के लड़ाकू विमानों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशनों और निगरानी रडार स्थलों पर सटीक हथियारों से हमला किया.

