Nepal Election: नेपाल में 5 मार्च 2026 को चुनाव होने वाला है, जिसे लेकर देश में तैयारियां जोरो शोरो से चल रही है. इस बीच चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट में 63 अलग-अलग राजनीतिक दलों के कुल 3,135 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनके पास 57 इलेक्शन सिंबल हैं. चुनाव आयोग की ओर से जारी लिस्ट में 1,772 महिला और 1,363 पुरुष उम्मीदवार शामिल हैं.
नेपाल के संविधान में अनुच्छेद 84 और 86 के मुताबिक महिलाओं के लिए कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण जरूरी है. 2023 से 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक सदन में कुल 275 में से 91 महिलाएं थीं. मुख्य पार्टियों में नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल शामिल हैं, जिनमें महिलाओं का काफी बड़ा प्रतिनिधित्व है. 2019 की रिपोर्ट के अनुसार 14,352 महिलाएं लोकल सरकारी पदों के लिए चुनी गईं.
भारत नेपाल सीमा पर कड़ी सुरक्षा
देश में चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा के भी खास इंतेजाम किए जा रहे है चुनाव को देखते हुए सुरक्षा को लेकर तैयारी पुख्ता की जा रही है. भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इसके साथ ही सुरक्षित वोटिंग सुनिश्चित करने के लिए नेपाल-भारत के सुरक्षा अधिकारियों ने 72 घंटे के लिए सीमा चौकियों को बंद रखने का फैसला किया है.
बैठक में सीमा नियंत्रण को कड़ा करने पर बनी सहमति
शुक्रवार को मोरंग जिले के बीरतनगर में नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और भारत के सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के बीच आयोजित 16वीं उप महानिरीक्षक (डीआईजी) स्तरीय समन्वय बैठक हुई. बैठक में दोनों पक्षों ने चुनावों में बाधा उत्पन्न कर सकने वाले अवांछित तत्वों की घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा नियंत्रण को कड़ा करने पर सहमति व्यक्त की.
72 घंटे तक बंद रहेंगी भारत के साथ नेपाल की चौकियां
एपीएफ के प्रवक्ता डीआईजी बिष्णु प्रसाद भट्ट ने आईएएनएस को बताया कि हमने भारतीय पक्ष से चुनाव से दो दिन पहले सीमा चौकियों को बंद करने का अनुरोध किया था और वे हमारे प्रस्ताव पर सहमत हो गए. समझौते के अनुसार, चुनाव दिवस सहित तीन दिनों (72 घंटे) के लिए सीमा चौकियां बंद रहेंगी.
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले सीमा चौकियों को बंद करना दोनों देशों में एक प्रथा है. भट्ट ने आगे कहा कि चूंकि चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर सुरक्षा एजेंसियों की भारी तैनाती होती है, इसलिए सीमा पार अवांछित समूहों की आवाजाही को रोकना आवश्यक है.
बैठक में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
एपीएफ के अनुसार, दोनों पक्षों ने सीमा सुरक्षा, सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण, तीसरे देशों के नागरिकों के अवैध प्रवेश की रोकथाम, मानव तस्करी, नकली मुद्रा, हथियार और गोला-बारूद, साथ ही नशीले पदार्थों की तस्करी और व्यापार पर भी चर्चा की.
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