West Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव जीत का झंडा लहराने के लिए भाजपा ने प्रचार अभियान की रफ्तार बढ़ा दिया है. इसी क्रम में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्य में तीन बड़ी चुनावी रैलियों को संबोधित कर रहे हैं. पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह चुनाव सामान्य नहीं, बल्कि बंगाल के गौरव को फिर से स्थापित करने का चुनाव है. प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता इस बार के चुनाव में ममता सरकार को हटाने वाली है.
विकसित बंगाल की मजबूत नींव रखने का चुनाव है
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह चुनाव विकसित बंगाल की मजबूत नींव रखने का चुनाव है और इसका पहला तथा सबसे अहम कदम इस निर्दयी सरकार को सत्ता से बाहर करना होगा. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया.
राज्य को विकास के रास्ते पर लाने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत
पीएम मोदी ने देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां देश के कई राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं टीएमसी की सरकार बंगाल को पीछे धकेल रही है. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मतदाताओं से बदलाव का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य को विकास के रास्ते पर लाने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है.
यह चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद पीएम मोदी का राज्य का दूसरा दौरा है. इससे पहले 5 अप्रैल को उन्होंने कूचबिहार से अपने अभियान की शुरुआत की थी, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार को घेरा था और ‘भय बनाम भरोसा’ का नारा दिया था.
पीएम मोदी की रैली क्यों है अहम?
राजनीतिक दृष्टि से इन रैलियों को बेहद अहम माना जा रहा है. हल्दिया को नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का गढ़ माना जाता है, जहां भाजपा अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखना चाहती है. वहीं, औद्योगिक क्षेत्र आसनसोल में पार्टी दोबारा अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है.
बीरभूम जिले के सूरी में आयोजित रैली भी खास महत्व रखती है, क्योंकि यह इलाका टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता है. यहां भाजपा संगठनात्मक नेटवर्क और सत्ता विरोधी माहौल के सहारे अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है. 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी.

