फिल्म ‘दूसरा’ की रिलीज पर रोक लगाने पहुंचे सौरव गांगुली को झटका, दिल्ली HC से नहीं मिली राहत

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Doosra Controversy: पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली और फिल्म ‘दूसरा’ के निर्माताओं के बीच कानूनी विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है. गांगुली ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. उनका आरोप है कि फिल्म में उनके नाम, पहचान और क्रिकेट करियर से जुड़े ऐतिहासिक पलों का इस्तेमाल बिना अनुमति के व्यावसायिक फायदे के लिए किया गया है. हालांकि, अदालत ने फिलहाल फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. इससे फिल्म के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सिनेमाघरों में आने का रास्ता खुला हुआ है.

जज ने क्या कहा? Doosra Controversy

मामले की सुनवाई के दौरान (Doosra Controversy) जस्टिस दिनेश भट्ट ने स्पष्ट किया कि अदालत ने फिल्म की रिलीज पर कोई रोक नहीं लगाई है. उन्होंने कहा, “मैंने कोई रोक (स्टे) नहीं लगाई है, इसलिए फिल्म रिलीज हो सकती है.” अदालत के इस रुख से फिल्म के निर्माताओं को फिलहाल राहत मिली है. मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को निर्धारित की गई थी. विवाद का मुख्य मुद्दा यह है कि किसी प्रसिद्ध खिलाड़ी के जीवन से जुड़ी घटनाओं और उसकी पहचान का इस्तेमाल किसी फिल्म में किस सीमा तक किया जा सकता है.

गांगुली ने फिल्म के खिलाफ क्यों उठाया कदम?

सौरव गांगुली और प्रोडक्शन हाउस लव फिल्म्स एलएलपी ने फिल्म की थिएट्रिकल, डिजिटल और अन्य माध्यमों से रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. उनका कहना है कि फिल्म के ट्रेलर और प्रचार सामग्री में गांगुली के क्रिकेट करियर से जुड़ी वास्तविक घटनाओं को इस तरह पेश किया गया है, जिससे उनकी पहचान का व्यावसायिक लाभ उठाया जा सकता है. याचिका में खास तौर पर 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत और लॉर्ड्स की बालकनी में गांगुली के शर्ट उतारकर जश्न मनाने के चर्चित पल का जिक्र किया गया है.

गांगुली की ओर से यह भी दलील दी गई है कि इन घटनाओं के इस्तेमाल से दर्शकों के बीच यह धारणा बन सकती है कि वह फिल्म से जुड़े हैं या उसका समर्थन करते हैं. इसी आधार पर उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया है. उन्होंने फिल्म के प्रचार में इस्तेमाल हो रही संबंधित सामग्री के प्रसार पर भी रोक लगाने की मांग की है.

लव फिल्म्स के साथ क्या है गांगुली का समझौता?

मुकदमे में बताया गया है कि गांगुली ने 5 अगस्त 2021 को लव फिल्म्स के साथ एक समझौता किया था. इसके तहत प्रोडक्शन हाउस को उनके जीवन और क्रिकेट करियर पर आधारित बायोपिक समेत ऑडियो-विजुअल प्रोजेक्ट विकसित करने, बनाने और व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करने के विशेष अधिकार दिए गए थे. इस समझौते के तहत ‘दादा – द सौरव गांगुली स्टोरी’ नाम से उनकी अधिकृत बायोपिक पर काम किया जा रहा है. याचिका के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में प्रोडक्शन हाउस ने काफी निवेश किया है और फिल्म की रिलीज 14 मई 2027 के लिए निर्धारित है. गांगुली और लव फिल्म्स का तर्क है कि ‘दूसरा’ में उनके जीवन से जुड़ी घटनाओं और पहचान के इस्तेमाल से इस अधिकृत बायोपिक के लिए किए गए समझौते के अधिकार भी प्रभावित हो सकते हैं.

ट्रेलर में नेटवेस्ट फाइनल और लॉर्ड्स का जिक्र

‘दूसरा’ का ट्रेलर 12 अक्टूबर को जारी किया गया था. गांगुली की याचिका के अनुसार, ट्रेलर और प्रचार अभियान में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी तथा 2002 के नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल की जीत को प्रमुखता से दिखाया गया है. लॉर्ड्स की बालकनी में गांगुली के शर्ट उतारकर जश्न मनाने वाले दृश्य का संदर्भ भी इसमें शामिल बताया गया है. याचिकाकर्ताओं ने फिल्म के निर्देशक अभिनय देव के एक इंटरव्यू का भी हवाला दिया. उनके मुताबिक, निर्देशक ने बताया था कि 2002 के नेटवेस्ट फाइनल और गांगुली के करियर की महत्वपूर्ण घटनाओं ने फिल्म के काल्पनिक किरदार ‘तारा’ को प्रभावित किया. गांगुली की ओर से दलील दी गई कि इन संदर्भों का इस्तेमाल उनकी लोकप्रियता और सार्वजनिक पहचान से व्यावसायिक फायदा लेने के लिए किया जा रहा है.

फिल्म निर्माताओं ने क्या दी दलील?

फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि ‘दूसरा’ सौरव गांगुली की बायोपिक नहीं है. उनके मुताबिक, फिल्म की कहानी राजस्थान की एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गांगुली से प्रेरित है. यानी फिल्म का मुख्य किरदार काल्पनिक है और कहानी सीधे गांगुली के जीवन को प्रस्तुत करने का दावा नहीं करती. निर्माताओं ने यह भी कहा कि फिल्म में नेटवेस्ट ट्रॉफी के फुटेज के इस्तेमाल के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से लाइसेंस लिया गया है. उनकी दलील थी कि संबंधित मैच फुटेज के इस्तेमाल पर खिलाड़ी का स्वतः विशेष अधिकार नहीं होता.

इस तरह विवाद एक ओर गांगुली की पहचान और (Doosra Controversy) उनके साथ हुए समझौते से जुड़े अधिकारों पर केंद्रित है, तो दूसरी ओर फिल्म निर्माताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लाइसेंस प्राप्त फुटेज के इस्तेमाल से जुड़ा है. फिलहाल, दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगाई है. हालांकि, इससे पूरे विवाद का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है. आगे की सुनवाई में अदालत के सामने गांगुली के दावों और निर्माताओं की दलीलों पर विचार किया जाना है.

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