New Delhi: ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ के मेकर्स को बडी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने इस एनिमेटेड फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि कला और रचनात्मकता के रास्ते में अदालत को नहीं आना चाहिए. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने इस फिल्म को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने कोर्ट का रुख करते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग की थी.
एक कार्टून कैरेक्टर के तौर पर दिखाया
उनके वकील का तर्क है कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ को एक कार्टून कैरेक्टर के तौर पर दिखाया गया है. जिससे आस्था को ठेस पहुंचती है. अब कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं बनता और न्यायालय कला एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति में अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करेगा. ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ का महीनेभर पहले ट्रेलर भी रिलीज हो चुका है.
17 जुलाई को रिलीज होने वाली थी
इसे डायरेक्टर श्रीपाद वार्खेड़कर ने बनाया है तो इसके प्रोड्यूसर दुर्गा प्रसाद दलाई और एले एनिमेशंस प्राइवेट लिमिटेड है. मेकर्स इसे हिंदी, उड़िया, तेलुगु में लाने वाले हैं. ये एक एनिमेटिड फिल्म होगी. ये फिल्म पहले 17 जुलाई को रिलीज होने वाली थी लेकिन कोर्ट ने इसे रथयात्रा के बाद रिलीज करने का ऑर्डर दिया था. ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ का विवाद की शुरुआत फिल्म के टीजर आने के बाद ही शुरू हुई थी.
एक जनहित याचिका भी दाखिल
पहले इसका नाम ‘जय जगन्नाथ’ था. टीजर के बाद कुछ धार्मिक संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई कि भगवान जगन्नाथ के स्वरूप और उनकी परंपराओं को सही से प्रस्तुत नहीं किया गया. इसे लेकर एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई और मामला ओडिशा हाई कोर्ट भी पहुंचा. विवाद के बाद फिल्म की पूरी स्क्रीनिंग जगन्नाथ मंदिर प्रशांसन के सामने भी करवाई गई थी. जिसके बाद कुछ बदलाव के सुझाव भी दिए गए थे.
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