Manoj Bajpayee Sleeping Pills: इस फिल्म में मनोज बाजपेयी ने निभाया सबसे मुश्किल किरदार, बोले- “सुनाई देती थी सीटी की आवाज…”

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Manoj Bajpayee Sleeping Pills: मनोज बाजपेयी बॉलीवुड की दुनिया के एक बहुत ही बेहतरीन कलाकार है. उन्होनें एक से बढ़कर एक किरदार निभाए हैं. हालाँकि, एक किरदार ने उनके दिल-और दिमाग पर एक अलग सा असर छोड़ दिया था. जिसके बारे में सोचकर आज भी उनकी रूह कांप जाती है. उस किरदार को निभाते-निभाते वह इस हद तक आ गए थे कि मानो उनका मानसिक संतुलन बिगड़ने ही वाला है. वह किरदार था उनकी फिल्म गली गुलियां के खद्दूस का. भले ही यह मूवी साल 2017 में रिलीज हुई थी. लेकिन, आज भी इस मूवी के किरदार का असर उन पर है.

लेना पड़ा था नींद की गोलियों का सहारा

एक इंटरव्यू के दौरान मनोज बाजपेयी ने बताया कि गली गुलियां फिल्म को भले 6 साल हो चुके हैं. लेकिन, उस डार्क रोल की वजह से वो आज भी परेशान हो जाते हैं. उन्होंने बताया, तनाव से निपटने के लिए उन्हें कैसे भारी नींद की गोलियों का सहारा लेना पड़ा था. उन्होंने कहा, ”मैं इसमें इतना गहराई तक चला गया कि मुझे अपने दिमाग में एक सीटी की आवाज सुनाई दे रही थी. शूटिंग के 26वें दिन मैंने अपने डायरेक्टर से कहा, ‘मेरी मदद करो,’ मैं परेशानी में हूं डॉक्टर ने उन्हें बताया कि ये नर्वस ब्रेकडाउन के लक्षण हैं.

बिगड़ा एक्टर का दिमागी संतुलन

मनोज ने आगे कहा, उसने मुझे नींद की गोलियां दीं और मैं सीधा सो गया मैं दो दिनों तक सोया.” अपने रोल के बारे में बात करते हुए उन्‍होंने बताया, “यह भूमिका निभाना सबसे कठिन था. यह एक ऐसी भूमिका थी जिसने मुझे मानसिक रूप से तोड़ दिया” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि मैं अपना दिमाग खो दूंगा. लेकिन, मेरे पास कोई और रास्ता नहीं था. यह वह रास्ता था, जो उस भूमिका को निभाने के लिए जरूरी था.

पत्नी ने दी सावधान रहने की चेतावनी

एक्टर ने एक इंटरव्यू में बताया, मैने खुद से बातें करना शुरू कर दिया था. “एक दिन, मैं अपने कमरे से किचन की ओर जा रहा था और मेरी पत्नी मेरे पास आ गई. उसने पूछा, ‘तुमने क्या कहा?’ मैंने कुछ नहीं कहा. उन्होंने कहा, ‘बॉस आप आजकल अपने आप से काफी बातें कर रहे हैं. ध्यान रखो. उन्होंने कहा, मैं उस किरदार की तैयारी में इतना घुस गया था कि खुद से बातें करना लगा था. परिवार भूल गया था. मेरी पत्नी को मेरी चिंता होने लगी थी. गली गुलियां फिल्म को भले ही ज़्यादा बड़ी पहचान न मिली हो, भले ही वह हिट न हुई हो, लेकिन वह मनोज बाजपेयी के जीवन की एक बहुत अहम फिल्म थी. इसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे.

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