Sanjay Gupta Daughter: फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड में शोक का माहौल है. उन्होंने 30 अक्टूबर को 57 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके जाने की खबर से फिल्म इंडस्ट्री के सितारों और प्रशंसकों को गहरा झटका लगा. 31 अक्टूबर को मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियां पहुंचीं.
इस बीच उनकी बेटी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल, अंतिम संस्कार के बाद का बताया जा रहा यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें संजय गुप्ता की बेटी कार के अंदर बैठी दिखाई दे रही हैं, जबकि बाहर कई पैपराजी उनकी तस्वीरें और वीडियो बना रहे हैं. वीडियो में उनकी एक हरकत को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और कई यूजर्स उन्हें निशाने पर ले रहे हैं.
आखिर कैमरे के सामने संजय गुप्ता की बेटी ने क्या किया?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कार में बैठी संजय गुप्ता की बेटी पैपराजी की ओर मिडिल फिंगर दिखाती हैं. इसके बाद वह अपने कपड़ों से चेहरा छिपाती नजर आती हैं और हंसती भी दिखाई देती हैं. इस दौरान कार में मौजूद ड्राइवर उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश करता हुआ नजर आता है. हालांकि, इसके बावजूद वह दोबारा पैपराजी की तरफ मिडिल फिंगर दिखाती हैं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी Sanjay Gupta Daughter
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. कई लोगों ने उनके इस व्यवहार की आलोचना की है. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि पिता के अंतिम संस्कार जैसे भावुक मौके के बाद इस तरह हंसने और प्रतिक्रिया देने की क्या वजह थी. वहीं, कुछ लोगों ने पैपराजी के व्यवहार और निजी दुख के समय कैमरों की मौजूदगी को लेकर भी चर्चा की है. फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है.
इन फिल्मों से संजय गुप्ता ने बनाई थी खास पहचान
संजय गुप्ता हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने फिल्ममेकर थे. उन्होंने अपने करियर में कई ऐसी फिल्में बनाईं, जिन्हें दर्शकों के बीच खूब पसंद किया गया. ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं. संजय गुप्ता की फिल्मों की सबसे बड़ी खासियत उनका एक्शन, क्राइम और गैंगस्टर ड्रामा वाला अंदाज रहा. उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी अलग शैली विकसित की और कई यादगार फिल्में दर्शकों को दीं. उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे निर्देशक को खो दिया, जिसकी फिल्मों का अपना अलग फैन बेस रहा है.