अचानक नहीं होतीं दिल की बीमारियां! इन नियमित आदतों से रखें अपने हार्ट का ख्याल

A Healthy Heart : हम अक्सर अपने हार्ट के बारे में तब सोचते हैं जब कोई समस्या सामने आती है. बाकी दिनों में वह चुपचाप धड़कता रहता है, जबकि काम का दबाव, भागदौड़, अधूरी नींद और तनाव बढ़ते रहते हैं. लेकिन दिल की बीमारियां अचानक नहीं होतीं, वे सालों में धीरे-धीरे बनती हैं.

रिसर्च का कहना है कि हार्ट रोग दुनिया भर में मौत का प्रमुख कारण हैं और आज के समय में भारत में भी इनका बोझ तेजी से बढ़ रहा है. लेकिन सबसे अच्‍छी खबर यह है कि दिल हमारी रोजमर्रा की आदतों पर तुरंत प्रतिक्रिया देता है. नियमित और छोटे बदलाव लंबे समय में बड़ा असर डालते हैं.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार Dr Niranjan Hiremath ने TOI को बताया कि हार्ट को परफेक्शन नहीं, निरंतर देखभाल चाहिए. ऐसे में माना जाता है कि अत्यधिक जिम या कठोर डाइट नहीं, बल्कि नियमितता ज्यादा मायने रखती है.

इसके साथ ही शरीर वही याद रखता है जो आप बार-बार करते हैं. लंबे समय तक बैठे रहना रक्त संचार को धीमा करता है. बता दें कि खाने के बाद छोटी सैर, सीढ़ियों का उपयोग या काम के बीच में खड़े होकर स्ट्रेच करना भी दिल के लिए फायदेमंद है.

बता दें कि खानपान में संतुलन जरूरी है, न कि अत्यधिक परहेज. फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और मेवे दिल के लिए अच्छे माने जाते हैं. इसके साथ ही नमक की मात्रा सीमित रखना और अनियमित देर रात भोजन से बचना भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में मदद करता है.

जानकारी के मुताबिक, नींद को नजरअंदाज करना हार्ट पर भारी पड़ सकता है. 7 से 9 घंटे की नियमित नींद ब्लड प्रेशर और तनाव हार्मोन को संतुलित रखती है. क्‍योंकि लगातार कम नींद शरीर को तनाव की स्थिति में रखती है, इसकी वजह से हार्ट पर दबाव बढ़ता है.

बता दें कि तनाव, स्मोकिंग और शराब का असर धीरे-धीरे जमा होता है. कुछ मिनट की गहरी सांस, प्रियजनों के साथ समय और तंबाकू से दूरी दिल को सुरक्षित रखती है. नियमित ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच भी जरूरी है, माना जाता है कि क्योंकि कई बार खतरे के संकेत बिना लक्षण के बढ़ते रहते हैं.

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