माता-पिता हो जाएं सावधान! बच्चे में दिख रहे ये 5 लक्षण कहीं कैंसर का संकेत तो नहीं?

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Cancer In Children: बच्चों की सेहत में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव भी माता-पिता के लिए अहम होते हैं. कई बार बच्चे में दिखाई देने वाले लक्षण सामान्य बुखार, संक्रमण या कमजोरी जैसे लगते हैं, लेकिन अगर वे लंबे समय तक बने रहें या बार-बार सामने आएं, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ मामलों में ये लक्षण कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं.

हालांकि, इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को कैंसर ही है. इनके पीछे कई सामान्य बीमारियां भी हो सकती हैं. लेकिन समय रहते सही कारण का पता लगाना जरूरी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, बचपन में होने वाले कैंसर की जल्द पहचान और उचित इलाज से बच्चों के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ सकती है. आइए जानते हैं बच्चों में दिखाई देने वाले ऐसे 5 संकेत, जिन पर माता-पिता को खास ध्यान देना चाहिए.

1. बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार बुखार आना

अगर बच्चे को लगातार बुखार आ रहा (Cancer In Children) है या बुखार बार-बार लौट रहा है और सामान्य इलाज के बावजूद ठीक नहीं हो रहा, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. आमतौर पर बुखार संक्रमण के कारण होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह ल्यूकेमिया जैसे कैंसर का लक्षण भी हो सकता है. ल्यूकेमिया में असामान्य रक्त कोशिकाएं बोन मैरो में स्वस्थ कोशिकाओं के निर्माण को प्रभावित कर सकती हैं. इससे शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है. अगर बुखार के साथ असामान्य थकान, पीलापन या बार-बार संक्रमण भी हो, तो चिकित्सकीय जांच में देरी न करें.

2. शरीर पर गांठ या सूजन दिखाई देना Cancer In Children

बच्चे की गर्दन, बगल या शरीर के किसी अन्य हिस्से में गांठ या सूजन नजर आए, तो उसकी निगरानी करना जरूरी है. कई बार ऐसी गांठें सामान्य संक्रमण के कारण लिम्फ नोड्स में सूजन आने से बनती हैं और अपने आप ठीक हो जाती हैं. हालांकि, अगर गांठ लगातार बनी रहे, आकार में बढ़े, सख्त हो या उसके साथ बिना वजह वजन कम होने और बुखार जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर को दिखाएं. कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे लिम्फोमा, में लिम्फ नोड्स में सूजन हो सकती है. केवल गांठ देखकर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता.

3. हड्डियों और जोड़ों में लगातार दर्द होना

बच्चों में खेलकूद या शारीरिक विकास के कारण कभी-कभी हाथ-पैरों में दर्द होना सामान्य है. लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे, रात में बढ़ जाए, बच्चे की नींद खराब करे या चलने-फिरने में परेशानी पैदा करे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कुछ मामलों में हड्डियों का कैंसर, जैसे ऑस्टियोसारकोमा, हड्डियों में दर्द और सूजन का कारण बन सकता है. यह किशोरों में अधिक देखा जाता है. हालांकि, हड्डियों में दर्द के कई अन्य कारण भी होते हैं. सही वजह जानने के लिए डॉक्टर की जांच जरूरी है.

4. बिना वजह वजन घटना और लगातार थकान रहना

अगर बच्चा सामान्य रूप से खाना खा रहा है, फिर भी उसका वजन लगातार कम हो रहा है या वह पहले की तुलना में ज्यादा कमजोर और थका हुआ नजर आ रहा है, तो इस बदलाव पर ध्यान दें. कैंसर जैसी गंभीर बीमारी शरीर की ऊर्जा की जरूरतों और सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती है. वहीं, एनीमिया, थायरॉइड संबंधी समस्याएं, संक्रमण और पोषण की कमी भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं. अगर वजन घटने के साथ भूख कम लगना, त्वचा का पीला पड़ना, बुखार या रोजमर्रा की गतिविधियों में रुचि कम होना भी दिखाई दे, तो बच्चे की चिकित्सकीय जांच करवाएं.

5. शरीर पर आसानी से नीले निशान पड़ना या खून बहना

बच्चों को खेलते समय चोट लगना आम बात है. लेकिन अगर बिना किसी चोट के शरीर पर बार-बार नीले निशान दिखाई दें, नाक या मसूड़ों से खून आए या मामूली चोट लगने पर भी खून देर तक बहता रहे, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए. ल्यूकेमिया में बोन मैरो की सामान्य रक्त कोशिकाएं प्रभावित हो सकती हैं. इसके कारण प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है, जिससे खून का थक्का जमने में परेशानी होती है और शरीर पर आसानी से निशान पड़ सकते हैं. ऐसे लक्षणों के पीछे अन्य चिकित्सकीय कारण भी हो सकते हैं. इसलिए डॉक्टर की सलाह से जरूरी जांच करवाना महत्वपूर्ण है.

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