Mental Health Alert: सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स बढ़ाने की चाह बना रही है युवाओं को मानसिक बीमारी का शिकार, एक्सपर्ट का बड़ा खुलासा

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Mental Health Alert: मानसिक बीमारियां अब सिर्फ बड़ी उम्र के लोगों तक सीमित नहीं रह गई हैं. कम उम्र में ही मानसिक विकार तेजी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहे हैं. चिंता की बात यह है कि देश में मानसिक रोगों की शुरुआत की औसत उम्र घटकर अब केवल 19 से 20 वर्ष रह गई है. विशेषज्ञ इसे एक “साइलेंट महामारी” बता रहे हैं, क्योंकि जानकारी और जागरूकता की कमी के चलते 70 से 80 प्रतिशत पीड़ितों को समय पर सही इलाज नहीं मिल पाता. ऐसे में मनोचिकित्सक डॉक्टर आदित्य सोनी से जानना जरूरी हो जाता है कि इसके पीछे क्या कारण हैं और इससे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं.


मानसिक विकार क्या होते हैं? (Mental Health)

मानसिक विकार ऐसी अवस्था को कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति के मन और दिमाग पर असर पड़ने लगता है और उसकी सोचने-समझने की क्षमता, स्वभाव और व्यवहार में बदलाव आने लगते हैं. जब अत्यधिक तनाव, लगातार उदासी या घबराहट के कारण कोई व्यक्ति अपने दैनिक कार्य सही ढंग से नहीं कर पाता, तो इस स्थिति को मानसिक विकार माना जाता है.


क्या कहते हैं आंकड़े? (Mental Health Research)

वैश्विक स्तर पर करीब 34.6 प्रतिशत मानसिक विकार 14 वर्ष की उम्र से पहले ही शुरू हो जाते हैं. वहीं लगभग 48.4 प्रतिशत मामले 18 वर्ष तक और 62.5 प्रतिशत मानसिक विकार 25 वर्ष की उम्र तक अपनी जड़ें जमा लेते हैं. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 15 से 29 वर्ष की आयु वर्ग में आत्महत्या अब मौत का तीसरा सबसे प्रमुख कारण बन चुकी है. इसके साथ ही 2011 से 2021 के बीच 18 से 25 वर्ष के युवाओं में मानसिक तनाव के मामलों में 101.7 प्रतिशत की चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है.


क्यों मानसिक विकारों का शिकार हो रहे हैं युवा? (Mental Health Cause)

  • स्मार्टफोन और अन्य डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग.

  • सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने की लगातार चाह.

  • पढ़ाई और करियर को लेकर बढ़ता प्रतिस्पर्धात्मक दबाव.

  • जागरूकता की कमी के चलते करीब 80 प्रतिशत मरीजों को समय पर सही इलाज न मिल पाना.


मानसिक विकारों से कैसे बचें? (Mental Health Prevention)

  • स्क्रीन टाइम कम करें.

  • मन की बात परिवार या दोस्तों से साझा करें.

  • लक्षण दिखने पर तुरंत मनोरोग विशेषज्ञ के पास जाएं.


डिस्क्लेमर: इस लेख में प्रस्तुत जानकारी का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य और रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. यह किसी भी प्रकार से योग्य चिकित्सकीय सलाह या उपचार का विकल्प नहीं है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण की स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें.


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