Sweet Cravings: मीठा खाना सभी को पसंद है और खाना खाने के बाद अचानक मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है. इस क्रेविंग को लोग सामान्य समझते हैं, लेकिन यह सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि शरीर के भीतर की समस्या और हार्मोन असंतुलन को दिखाता है. कुछ लोगों के अचानक से ही बहुत मीठा खाने की तलब लगती है, भले ही थोड़ी मात्रा में, लेकिन मीठा मिल जाने पर ही मन को चैन आता है, लेकिन इसके पीछे के कारण क्या हैं, यह आयुर्वेद में छिपा है.
क्यों होती है मीठा खाने की क्रेविंग
मीठा खाने की इच्छा बार-बार होना सिर्फ आदत या मन का लालच नहीं है, यह शरीर की गड़बड़ियों को दिखाता है. हमेशा थकान होने पर या फिर तनाव महसूस करने पर मीठा खाने की इच्छा प्रबल हो जाती है और मीठा खाने के बाद मन को शांति भी मिलती है, लेकिन फिर यह क्रेविंग बढ़ती जाती है. धीरे-धीरे रोजाना मीठा खाने का मन करता है और न खाने पर चिड़चिड़ा महसूस होता है.
यह शरीर के असंतुलन के संकेत हैं Sweet Cravings
अगर बार-बार मीठा खाने की इच्छा हो रही है, तो यह शरीर के असंतुलन के संकेत हैं. जब शरीर के भीतर सभी हार्मोन संतुलित रहते हैं, तो किसी भी स्वाद की तलब नहीं लगती है, चाहे वह मीठा हो या फिर खट्टा. शरीर और मन भूख लगने पर खाने के संकेत देते हैं, किसी एक निश्चित स्वाद के नहीं.
मीठा शरीर को ऊर्जा देता है
आयुर्वेद में इसे वात और पित्त का असंतुलन माना जाता है. शरीर में जब दोनों दोष असंतुलित हो जाते हैं, तो मीठे खाने की इच्छा प्रबल होती है. यह शरीर की कमजोरी का कारण भी बनता है, क्योंकि रोजाना मीठा खाने से मन तो शांत रहता है लेकिन शरीर धीरे-धीरे कमजोर महसूस करने लगता है. शरीर में ऊर्जा की कमी या बीपी कम होने पर मीठा खाने की इच्छा बढ़ने लगती है. मीठा शरीर को ऊर्जा देता है और भूख को कम करता है. इसके साथ ही मैग्नीशियम की कमी भी इसके पीछे का बड़ा कारण है.
इन चीजों का करें सेवन
अब सवाल है कि क्या करें. मीठा खाने का मन करता है तो गुड़, शहद, मिश्री, या ताजे मीठे फलों का सेवन करें. अपने साथ खजूर या किशमिश रखें. यह मीठे की तलब को संतुलित करता है और शरीर के लिए भी लाभकारी है.