Health Tips: भूख लगते ही सामने समोसा, कचौड़ी, चिप्स या नमकीन दिखे तो अक्सर लोग बिना ज्यादा सोचे इन्हें खा लेते हैं. स्वाद के साथ तुरंत पेट भरने का अहसास भी होता है, लेकिन अगर यही आदत रोज की दिनचर्या का हिस्सा बन जाए तो धीरे-धीरे इसका असर शरीर पर पड़ सकता है. खासकर वजन बढ़ने और ज्यादा नमक-चीनी के सेवन से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में सवाल है कि अचानक लगी भूख को शांत करने के लिए आखिर क्या खाया जाए?
दरअसल, उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर लोगों को रोज के नाश्ते में थोड़ा बेहतर विकल्प चुनने की सलाह दी है. एनएचएम ने तले-भुने और ज्यादा नमक या चीनी वाले स्नैक्स की जगह फल, भुने चने, ड्राई फ्रूट्स और सलाद जैसे विकल्पों को शामिल करने पर जोर दिया है.
समोसा, चिप्स और नमकीन क्यों बन सकते हैं परेशानी की वजह?
समोसा, चिप्स और नमकीन जैसी चीजों में तेल और नमक की मात्रा ज्यादा हो सकती है. खासकर तली हुई चीजों को तैयार करने में काफी तेल इस्तेमाल होता है. ऐसे में कम मात्रा में खाने पर भी शरीर को अपेक्षाकृत ज्यादा कैलोरी मिल सकती है. अगर इनका सेवन लगातार होता रहे तो वजन बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है.
वहीं, नमकीन और चिप्स जैसी चीजों में मौजूद ज्यादा नमक शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ा सकता है. इसका असर ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है. लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति रहने पर दिल और किडनी पर भी दबाव बढ़ सकता है. इसलिए इन चीजों को रोज खाने के बजाय कभी-कभार और सीमित मात्रा में खाना बेहतर माना जाता है.
मिठाई और पेस्ट्री की जगह खाएं ताजे फल
चाय के साथ मिठाई या पेस्ट्री खाना भी कई लोगों की रोज की आदत बन जाती है. इन चीजों में चीनी के साथ तेल या मक्खन की मात्रा भी अधिक हो सकती है. ज्यादा चीनी का सेवन शरीर को जरूरत से ज्यादा कैलोरी दे सकता है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी ज्यादा चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करने की सलाह देता है.
इसका मतलब यह नहीं है कि मिठाई को पूरी तरह छोड़ना जरूरी है. बेहतर यह है कि इसे रोज के नाश्ते का हिस्सा न बनाया जाए. इसकी जगह सेब, अमरूद, संतरा, पपीता और केला जैसे ताजे फल खाए जा सकते हैं. फलों में फाइबर, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. फाइबर कुछ समय तक पेट को भरा रखने में मदद करता है. फल और सब्जियों का नियमित सेवन दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में भी मदद कर सकता है.
भूख लगे तो भुने चने हो सकते हैं अच्छा विकल्प
अगर खाने के बीच में भूख लगती है तो भुने चने एक आसान स्नैक हो सकते हैं. इनमें प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों के लिए जरूरी होता है, जबकि फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखने में मदद करता है. इसी वजह से भूख लगने पर भुने चने खाने से बार-बार कुछ खाने की इच्छा को कम करने में मदद मिल सकती है.
बादाम, अखरोट और काजू भी पोषण से भरपूर
ड्राई फ्रूट्स में बादाम, अखरोट और काजू को भी स्नैक के तौर पर शामिल किया जा सकता है. इनमें वसा, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व मिलते हैं. बादाम और अखरोट को दिल की अच्छी सेहत से भी जोड़ा जाता है. हालांकि, ड्राई फ्रूट्स खाते समय मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि इनमें कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है. इसलिए इन्हें ज्यादा खाने के बजाय सीमित मात्रा में लेना बेहतर है.
फ्रेश सलाद से मिटाएं छोटी-मोटी भूख
भूख लगने पर फ्रेश सलाद भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है. इसमें खीरा, टमाटर, गाजर और दूसरी कच्ची सब्जियों को शामिल किया जा सकता है. इनसे शरीर को पानी, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. सलाद पेट भरने में मदद करता है और आम तौर पर इसमें कैलोरी भी कम होती है. ऐसे में चिप्स, नमकीन या तली हुई चीजों की जगह सलाद को स्नैक के तौर पर शामिल करना रोज के खाने की आदत में एक बेहतर बदलाव हो सकता है.
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