Migraine Symptoms: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द एक आम समस्या बन गई है, लेकिन हर सिरदर्द सामान्य नहीं होता. कुछ लोगों को बार-बार होने वाला तेज दर्द, रोशनी और आवाज से परेशानी, जी मिचलाना या कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस होती हैं, जिसे माइग्रेन कहा जाता है. यह सिर्फ सिर में दर्द की स्थिति नहीं है, बल्कि यह शरीर के तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक जटिल समस्या है.
विशेषज्ञों के अनुसार, माइग्रेन का दर्द कई बार हमारी रोजमर्रा की आदतों से भी प्रभावित होता है. गलत खान-पान, नींद की कमी, तनाव, शरीर में पानी की कमी और जीवनशैली की कुछ गलत आदतें इसके लक्षणों को बढ़ा सकती हैं. यही वजह है कि माइग्रेन से पीड़ित लोगों को अपनी दिनचर्या में कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है. ऐसे में चलिए जानते हैं ऐसी कौन-सी गलतियां हैं, जो माइग्रेन के दौरान परेशानी को और बढ़ा सकती हैं.
शरीर में पानी की कमी
माइग्रेन के समय शरीर में पानी की कमी होना दर्द को बढ़ाने वाले कारणों में शामिल हो सकता है. जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता, तो शरीर के सामान्य कामकाज पर असर पड़ सकता है और थकान, चक्कर या सिर में भारीपन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं. पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने और कोशिकाओं को सही तरीके से काम करने में मदद करता है. इसलिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पीते रहना जरूरी है. पानी के अलावा, नारियल पानी, सूप या पानी से भरपूर फल भी शरीर में तरल पदार्थों की कमी पूरी करने में मदद करते हैं।
नींद के साथ लापरवाही
माइग्रेन और नींद का संबंध काफी गहरा माना जाता है. कम सोना या रोज अलग-अलग समय पर सोना शरीर की प्राकृतिक घड़ी को प्रभावित कर सकता है, जिससे कुछ लोगों में माइग्रेन का खतरा बढ़ सकता है. पर्याप्त नींद लेने से शरीर और दिमाग को आराम मिलता है. कोशिश करें कि रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत बनाएं. आमतौर पर वयस्कों के लिए 7 से 9 घंटे की नींद फायदेमंद मानी जाती है.
ज्यादा मात्रा में चाय, कॉफी या शराब लेना
कई लोग सिरदर्द के दौरान चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं, लेकिन कैफीन का ज्यादा सेवन कुछ लोगों में माइग्रेन को बढ़ा सकता है. वहीं शराब भी कई लोगों के लिए माइग्रेन का ट्रिगर बन सकती है. इन चीजों का ज्यादा सेवन शरीर में पानी की कमी, नींद में गड़बड़ी और तंत्रिका तंत्र पर असर डाल सकता है. हालांकि हर व्यक्ति में इसका प्रभाव अलग-अलग हो सकता है, इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सी चीज आपके माइग्रेन को बढ़ाती है. अगर किसी खास पेय पदार्थ के बाद बार-बार दर्द शुरू होता है, तो उससे दूरी बनाना बेहतर हो सकता है.
लंबे समय तक स्क्रीन देखते रहना
आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी का इस्तेमाल बढ़ गया है. लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ सकता है और कुछ लोगों में सिरदर्द की समस्या बढ़ती है. माइग्रेन के दौरान तेज रोशनी और स्क्रीन की चमक कई लोगों को परेशान कर सकती है. ऐसे में स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखना, बीच-बीच में आंखों को आराम देना और कुछ समय के लिए शांत वातावरण में रहना मददगार हो सकता है.
गलत खान-पान
माइग्रेन से जूझ रहे लोगों के लिए भोजन की नियमितता भी काफी महत्वपूर्ण होती है. लंबे समय तक खाली पेट रहना या अचानक खाने का समय बदलना कुछ लोगों में माइग्रेन का कारण बन सकता है. शरीर को ऊर्जा देने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है. खाने में फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व शामिल करने चाहिए. वहीं बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन, अत्यधिक मसालेदार चीजें या ऐसे खाद्य पदार्थ जिनसे आपको व्यक्तिगत रूप से परेशानी होती है, उनसे बचना बेहतर हो सकता है.