Republic Day 2026: इस साल गणतंत्र दिवस मनाने की क्या है थीम, कौन होगा मुख्य अतिथि, जानें सबकुछ

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Republic Day 2026: भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. इस दिन देश का लोकतंत्र बना था और संविधान लागू किया गया था. वहीं, इस साल भारत 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा, जिसके लिए देशभर में जोरों शोरो से की जा रही है. ऐसे में चलिए जानते है कि इस भव्‍य समारोह में इस क्‍या खास होने वाला है और इसकी थीम क्‍या है…

Republic Day 2026 की थीम

इस साल यानी 2026 में गणतंत्र दिवस की थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 साल है. पूरे कर्तव्य पथ पर आपको ‘वंदे मातरम’ की झलक दिखेगी.

गणतंत्र दिवस 2026 के मुख्य अतिथि

बता दें कि इस दिन दिल्‍ली में परेड का आयोजन किया जाता है, जहां देश की तीनों सेनाएं करतब दिखाती. इस दौरान भारत के प्रधानमंत्री और राष्‍ट्रपति समेत तमाम नेता मौजूद रहते है. वहीं, इस बार कि परेड में दो मुख्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. ये दोनों यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता हैं: उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen), जो कि यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष हैं. एंटोनियो कोस्टा (António Costa), जो यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष हैं.

जानें गणतंत्र दिवस का इतिहास

दरअसल, भारत 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता हुआ था. इस दौरान देश का अपना कोई संविधान नहीं था. जिसके बाद डॉ. बीआर अंबेडकर के नेतृत्व वाली संविधान सभा द्वारा संविधान का मसौदा तैयार किया गया था. इस समिति ने 4 नवंबर, 1948 को संविधान सभा में संविधान का अंतिम मसौदा पेश किया था. जिसके बाद 26 जनवरी 1950 को संविधान को आत्मसात किया गया था, और भारत देश एक लोकतांत्रिक, संप्रभु तथा गणतंत्र देश घोषित किया गया था.

डॉ. राजेंद्र प्रसाद को दी गई 21 तोपो की सलामी

खास बात ये है कि 26 जनवरी 1950 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी दी गई. इसके साथ ही ध्वजारोहण कर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया था. यह समय देश के सबसे ऐतिहासिक पलों में से एक है.

गणतंत्र दिवस का महत्व

गणतंत्र दिवस के महत्व की बात करें, तो इका महत्‍व बहुआयामी है. सबसे पहले यह दिन संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करता है. इसके साथ ही यह न्‍याय, स्‍वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. इसके अलावा, भारत की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है. गणतंत्री दिवस समारोह के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम और झांकियां भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करती हैं.

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