New Delhi: भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने पीएम को भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल तैयारियों और हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में समग्र सुरक्षा स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी. बैठक में समुद्री क्षेत्र में उभरती चुनौतियों और तेजी से बदलती प्रौद्योगिकी के प्रभाव पर भी चर्चा हुई.
मुलाकात की तस्वीर शेयर
जानकारी के मुताबिक, 29 मई को यह मुलाकात हुई. यह मुलाकात 31 मई को नौसेना की कमान सौंपने से ठीक पहले हुई. नौसेना प्रवक्ता के आधिकारिक एक्स हैंडल पर एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और पीएम मोदी की मुलाकात की तस्वीर शेयर की गई. एडमिरल त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री को बताया कि भारतीय नौसेना युद्ध के लिए तैयार, विश्वसनीय, सुसंगत, भविष्य के लिए तैयार और आत्मनिर्भर शक्ति के रूप में राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए तैयार
नौसेना ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि भारतीय नौसेना कभी भी, कहीं भी, किसी भी तरह से, अपने राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है. एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी 31 मई को भारतीय नौसेना की कमान नए चीफ को सौंपने वाले हैं. इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री को नौसेना की वर्तमान क्षमताओं, आधुनिकरण कार्यक्रमों, स्वदेशी हथियारों के शामिल होने और हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों की जानकारी दी.
यह बैठक काफी महत्वपूर्ण
हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियां, समुद्री सुरक्षा, व्यापार मार्गों की सुरक्षा और नई तकनीकों जैसे ड्रोन, हाइपरसोनिक मिसाइलें और साइबर खतरे को ध्यान में रखते हुए यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. भारतीय नौसेना लगातार अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रही है. हाल के वर्षों में स्वदेशी युद्धपोतों, पनडुब्बियों, विमानों और नौसेना के आधुनिकरण में तेजी आई है. एडमिरल त्रिपाठी के नेतृत्व में नौसेना ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
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