राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में प्रतिभागी इसमें शामिल हो रहे हैं. इस समिट में स्वदेशी नवाचारों और भारत की तकनीकी उपलब्धियों की अनेक प्रेरक कहानियां सामने आ रही हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन वर्तमान और भविष्य की उभरती AI तकनीकों को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है.
हालांकि गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद अपेक्षाकृत छोटी घटना माना जा रहा है, और विशेषज्ञों का कहना है कि इससे देश की अन्य बड़ी AI उपलब्धियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. भविष्य की इस अत्याधुनिक तकनीक के साथ भारत को तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत पर भी जोर दिया जा रहा है.
समिट में फिल्म निर्माता शेखर कपूर, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर और South East Asia एवं India के वाइस प्रेसिडेंट रंजन आनंदन सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी मौजूद रहीं, जिन्होंने AI के क्षेत्र में भारत की संभावनाओं और भूमिका पर अपने विचार साझा किए.
केरल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने अपने सोशल मीडिया X पर अपने पोस्ट में कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत ने दुनिया को दिखा दिया है कि 140 करोड़ से अधिक लोगों के भारत में फायदे के लिए टेक और इनोवेशन का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है. जहां तक भारत की बात है, टेक सिर्फ रिसर्च, इनोवेशन के बारे में नहीं है.”
समिट में 3 लाख से अधिक लोग आएः राजीव चंद्रशेखर
राजीव चंद्रशेखर ने आगे कहा, “टेक ने गवर्नेंस, डेमोक्रेसी और इकोनॉमिक ग्रोथ और भरोसे में असली बदलाव लाया है और ला रहा है. समिट में पहले ही 3 लाख से ज्यादा लोग आ चुके हैं- जबकि दूसरे समिट में कुछ हजार लोग ही आते हैं.
India under PM @narendramodi ji has demonstrated to the world how tech and innovation can be harnessed for the benefit of 1.4 billion India via #IndiaDPI.
Tech is not just abt research, innovation as far as India is concerned. Tech has driven and drives real transformation in… pic.twitter.com/gs4eApZ8Na
— Rajeev Chandrasekhar 🇮🇳 (@RajeevRC_X) February 18, 2026
भारत जल्द ही AI में सुपरपावर बनने वालाः शेखर कपूर
महान फिल्मकार शेखर कपूर ने लोगों के साथ फोटो शेयर करते हुए कहा, “इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में AI के बारे में सुनने और सीखने के लिए उत्सुक युवाओं से ऑडिटोरियम भरा हुआ था. इस जोश और उत्सुकता से मुझे यकीन हो गया है कि भारत जल्द ही AI के क्षेत्र में एक सुपरपावर बनने वाला है.”
Auditorium overflowed with young people eager to listen and learn about AI at India AI Impact Summit.
The enthusiasm and eagerness convinces me that India is soon going to be a superpower in AI.
But we need to look at AI from an Indian point of view. Just like we looked at… pic.twitter.com/gd80fDylRb
— Shekhar Kapur (@shekharkapur) February 17, 2026
समिट को लेकर निखिल पहवा ने कहा?
समिट को लेकर निखिल पहवा ने कहा, यह एक बदलाव का पल है, और मैं भारत सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी को AI समिट को भारत लाने और इसे भारत जैसा स्केल देने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. समिट में 250,000 लोगों का शामिल होना, खासकर स्टूडेंट्स का, सोच में बदलाव की शुरुआत है. हमें इसकी जरूरत है.
My comments on the AI Summit (said something similar on my panel yesterday):
A summit like this, with this much bandwidth allocated to it by the government, even if the agenda is flat, even if organizing is poor, ends up making AI a priority focus for ministries and state…
— Nikhil Pahwa (@nixxin) February 17, 2026
South East Asia and India के वाइस प्रेसिडेंट रंजन आनंदन ने समिट में भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी का जिक्र किया.
Fun fact: the number of attendees at the @SarvamAI launch at the #IndiaAISummit2026 is higher than the total number of attendees at the entire AI Summit in Paris in 2025! pic.twitter.com/P3tYXS9Cpk
— Rajan Anandan (@RajanAnandan) February 18, 2026
समिट को कवर कर रहे पत्रकार तापस भट्टाचार्य ने सोशल मीडिया X पर अपने लंबे पोस्ट में कहा, “AI टेक्नोलॉजी से जुड़ी ऐसी हर कहानी भारत के बढ़ते AI इकोसिस्टम का जीता जागता सबूत है. देश में बन रही फ्यूचरिस्टिक टेक को दिखाने वाले सैकड़ों स्टॉल लगाए गए हैं.” उन्होंने आगे लिखा, “ग्राउंड ज़ीरो से, मैंने भारत के AI फ्यूचल य को बनाने वाले इनोवेशन को कवर किया.”
This week, at the AI Impact Summit, India will push its "Global AI Commons” initiative.
None other than AI pioneer @ylecun supports open, collaborative AI and says, "India has an important role to play."
MODI HAS INDIA MOVING IN THE RIGHT DIRECTION. pic.twitter.com/msIQrYup96
— Steve Hanke (@steve_hanke) February 17, 2026
AI की दुनिया में भारत की कई पहल
भारतजेन AI ने सभी 22 आधिकारिक भारतीय भाषाओं का बेसिक मॉडल बनाया है. भारत जेन ने Param 27B लॉन्च किया है, जो 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करने वाला 17B-पैरामीटर वाला मल्टीलिंगुअल मॉडल है. भारतीय डेटा पर इसे डिजाइन किया गया है और, यह गवर्नेंस, हेल्थ, फिनटेक और अन्य में AI को इनेबल करता है.
AI की महत्ता और इस पर हो रहे काम का जिक्र करते हुए तापस भट्टाचार्य ने बताया, “पैराडाइम IT (ParadigmIT) का स्वतंत्र AI बॉक्स है जो डेटा सिक्योरिटी को मजबूत करता है और यह ऑन-प्रिमाइसेस इंफ्रास्ट्रक्चर जो संवेदनशील डेटा को भारत के भीतर ही सुरक्षित रखता है और इंडियाAI मिशन के अनुरूप है.”
India AI Impact Summit is about many stories on indigenous innovations and achievements. It is a marquee event for display of present and future AI technologies at international level.
Each such story is a testament to India's growing AI ecosystem. There are hundreds of stalls… pic.twitter.com/R4QCy0fTkW
— Tapas Bhattachary (@tapasjournalist) February 18, 2026
“इसी तरह समिट में Skye Air Mobility ने Arrive AI और Ottonomy के साथ मिलकर पार्टनरशिप में दुनिया का पहला एंड-टू-एंड ऑटोनॉमस कॉमर्स डिलीवरी सिस्टम पेश किया. इसके जरिए 36 लाख से अधिक ऑटोनॉमस डिलीवरी की गई जिससे 1,000 टन से अधिक CO₂ की बचत हुई. इस तरह से बिना किसी इंसानी दखल के ड्रोन-टू-डोर डिलीवरी लॉजिस्टिक्स और सस्टेनेबल टेक के भविष्य की दिशा में एक बड़ी कामयाबी है.”
दूसरी ओर, देशभर में AI शिक्षा को सभी के लिए उपलब्ध कराने की दिशा में यह बड़ा कदम है, जिसमें Start Up Sanatana के वेंकट केएल डिजिटल युग के लिए देश की सांस्कृतिक विरासत को बचाने और बढ़ावा देने के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं तारकराम मरम की लीडरशिप में विजन डिजिटल इंडिया ने भारत की पहली AI ट्रेनर मशीन पेश की, जिसे इंटेल के साथ तैयार किया गया और AICTE द्वारा लॉन्च की गई एक AI लैब-इन-ए-बॉक्स है.
वहीं फ्रंटियर मार्केट्स AI के जरिए ग्रामीण महिला एंटरप्रेन्योर्स को मजबूत बना रहा है. ड्रबलेट इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड, जिसे 2 छात्रों अग्निवा और आदित्य ने शुरू किया था. अब यह ऑटोनॉमस नेविगेशन और रोबोटिक्स की सीमाओं को आगे बढ़ा रहा है.
गलगोटिया विवाद एक छोटा सा हिस्सा
उन्होंने इस दौरान Sarvam जैसे स्टार्टअप का जिक्र किया, जिसने HCL, Airtel, Tata जैसे भारतीय टेक दिग्गजों की मौजूदगी तक, कई नए इनोवेशन भी दिखाए. दुनिया भर से AI के फील्ड में NVIDIA, Google, OpenAI और कई दूसरे बड़े नाम भी समिट में हिस्सा लेने के लिए लाइन में हैं. हालांकि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कथित रोबोट को लेकर हुए विवाद पर तपस भट्टाचार्य कहते हैं, यूनिवर्सिटी के मामले में जो कुछ भी चल रहा है वो इनोवेशन और फ्यूचर रेडी टेक्नोलॉजी के एक विशालकाय भंडार का महज एक छोटा सा हिस्सा है.
उन्होंने गलगोटिया की घटना के इतर पूरे समिट में भारत की कामयाबी का जिक्र करते हुए कहा, “क्या आप भी सिर्फ एक घटना की वजह से पूरे भारत की कामयाबी की कहानी को खराब कर देंगे?” टेक के सभी शौकीनों और AI के फ्यूचर में दिलचस्पी रखने वालों के लिए, यह समिट यह समझने का एक शानदार मौका है कि भारत AI क्रांति में कैसे सबसे आगे है.”

