Amarnath Yatra 2026: 3 जुलाई से शुरू होने वाली 57 दिवसीय श्री अमरनाथ यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है. यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय, सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को जम्मू स्थित अमरनाथ यात्री बेस स्टेशन पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के कमांडोज ने व्यापक सुरक्षा अभ्यास किया. यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं. जम्मू में स्थित अमरनाथ यात्री निवास और आसपास के क्षेत्रों में विशेष तलाशी अभियान भी चलाया गया.
अमरनाथ बेस स्टेशन पर NSG की बड़ी ड्रिल
मंगलवार तड़के जम्मू के अमरनाथ यात्री बेस स्टेशन पर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने संयुक्त सुरक्षा अभ्यास किया. इस दौरान कमांडोज ने पूरे परिसर की सघन जांच की और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. डॉग स्क्वायड की मदद से अमरनाथ यात्री निवास और आसपास के इलाकों की तलाशी ली गई. साथ ही किसी भी आपातकालीन या आतंकवादी हमले जैसी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों ने अपने रिस्पांस मैकेनिज्म का भी परीक्षण किया. अधिकारियों के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य सुरक्षा तैयारियों की जांच करना और संभावित कमियों को समय रहते दूर करना था.
70 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती
अमरनाथ यात्रा को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में 70 हजार अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी यात्रा मार्गों पर तैनात रहेंगी. इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और प्रमुख यात्रा मार्गों पर लगातार गश्त की जा रही है.
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कड़ी निगरानी
सुरक्षा एजेंसियों ने कठुआ से श्रीनगर तक लगभग 400 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं. पूरे मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके. इसके अलावा पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है और सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं.
न्यौग सुरंग को लेकर जारी किए गए विशेष निर्देश
यात्रा के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने न्यौग सुरंग (Navyug Tunnel) के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं. निर्देशों के अनुसार कश्मीर से जम्मू जाने वाले वाहनों को प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से पहले न्यौग सुरंग पार करने की अनुमति नहीं होगी. वहीं जम्मू से कश्मीर जाने वाले वाहनों को दोपहर 3:00 बजे के बाद सुरंग पार करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
पहलगाम और बालटाल रूट पर कट-ऑफ टाइम तय
अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर अलग-अलग स्थानों के लिए कट-ऑफ टाइमिंग निर्धारित की गई है. प्रशासन के अनुसार पहलगाम रूट पर श्रीनगर और अनंतनाग की ओर जाने वाले वाहनों को शाम 5:00 बजे तक ही न्यौग सुरंग की तरफ जाने की अनुमति होगी. इसका उद्देश्य यात्रा मार्गों पर सुचारु यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है. यात्रा शुरू होने से पहले सुरक्षा एजेंसियां लगातार समीक्षा बैठकें कर रही हैं और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके.
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