6 से 8 तक के छात्र के सिलेबस में जोड़ा गया आयुर्वेद, दिनचर्या और स्वास्थ्य के सिद्धांत सीखेंगे बच्चे

Ayurveda Education : भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद अब स्कूलों के साइंस सिलेबस का हिस्सा बनेगी. प्राप्‍त जानकारी के अनुसार अब केंद्र सरकार के निर्देश पर NCERT ने कक्षा 6 से 8 तक की विज्ञान की किताबों में आयुर्वेद से जुड़े अध्याय शामिल किए हैं. इसके जरिए विद्यार्थियों को दिनचर्या, ऋतुचर्या भोजन और स्वास्थ्य के आयुर्वेदिक सिद्धांतों के बारे में भी बताया जाएगा. ऐसे में NCERT का कहना है कि बच्चे आधुनिक विज्ञान के साथ-साथ भारत की पारंपरिक वैज्ञानिक सोच को भी समझेंगे. इसके साथ ही उन्‍होंने इन बदलावों के उद्दश्‍यों को बताते हुए कहा कि समग्र या होलिस्टिक शिक्षा को बढ़ावा देना है. जो कि शरीर, मन और पर्यावरण के बीच संतुलन पर जोर देती है और ये भी बताया गया कि सही दिनचर्या, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक शांति कैसे स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी हैं.

इन राज्‍यों में जोड़ा जा चुका है भारतीय ज्ञान प्रणाली

प्राप्‍त जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, इसमें वर्कशॉप, हैंडबुक और ओरिएंटेशन सत्र शामिल होंगे. इतना ही नही बल्कि अभी तक गोवा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के साथ और भी कई राज्‍यों में पहले ही भारतीय ज्ञान प्रणाली को शिक्षा से जोड़ा जा चुका है. ऐसे में अब आयुर्वेद को साइंस शिक्षा का हिस्सा बनाकर उसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. इससे बच्चों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने में मदद मिलेगी और साथ ही वे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और चिकित्सा विरासत को भी समझ सकेंगे.

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केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.

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