Ayushman Bharat Yojana: देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है. सरकार ने शनिवार को बताया कि आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के तहत अब तक 1.20 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण किया जा चुका है.
इस योजना के अंतर्गत 13.84 लाख से ज्यादा उपचार किए गए हैं, जिनकी कुल लागत करीब 3,000 करोड़ रुपये रही है. सरकार के अनुसार, बीते 12 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं. स्वास्थ्य बीमा, टीकाकरण, सस्ती दवाओं और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचा है.
मिशन इंद्रधनुष से करोड़ों बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिला लाभ
सरकार ने बताया कि मिशन इंद्रधनुष अभियान के तहत उन 5.46 करोड़ बच्चों और 1.32 करोड़ गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया, जिन्हें पहले कोई टीका नहीं लगा था. अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2023 में बिना कोई टीका प्राप्त करने वाले बच्चों यानी जीरो-डोज बच्चों की हिस्सेदारी कुल आबादी का 0.11 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2024 में घटकर 0.06 प्रतिशत रह गई. इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
हर साल करोड़ों बच्चों और महिलाओं को मुफ्त टीके
सरकार सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) चला रही है, जिसके तहत हर साल करीब 2.67 करोड़ नवजात शिशुओं और 2.9 करोड़ गर्भवती महिलाओं को 12 गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए मुफ्त टीके लगाए जाते हैं.
44 करोड़ से अधिक परिवारों को मिला स्वास्थ्य बीमा का लाभ
सरकार ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में 44 करोड़ से अधिक परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिला है. इसके अलावा देशभर में 1.86 लाख से ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जा चुके हैं.
जन औषधि केंद्रों से सस्ती दवाओं की सुविधा
देश में अब 18,000 से अधिक जन औषधि केंद्र कार्यरत हैं. इन केंद्रों पर मिलने वाली जेनेरिक दवाएं बाजार मूल्य की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं. इससे लाखों लोगों के इलाज का खर्च कम हुआ है.
टेलीमेडिसिन सेवाओं का बढ़ा दायरा
सरकार के अनुसार, देश में अब तक 47 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं. इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल रही है.
मेडिकल कॉलेज और एम्स की संख्या में बड़ा इजाफा
स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हुआ है. सरकार के मुताबिक, देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है और वर्ष 2014 के बाद 12 नए एम्स संस्थान शुरू किए गए हैं. साथ ही डॉक्टरों और नर्सों के प्रशिक्षण की क्षमता भी पहले की तुलना में दोगुनी से अधिक बढ़ाई गई है.
आयुष्मान भारत योजना से गरीब परिवारों को बड़ी राहत
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाता है. यह योजना देश की करीब 40 प्रतिशत आबादी, यानी लगभग 12 करोड़ परिवारों, को कवर करती है. सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 44.14 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं. इसके अलावा 12.03 करोड़ अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को कवर किया गया है और करीब 1,80,435 करोड़ रुपये मूल्य का इलाज उपलब्ध कराया गया है.
36 हजार से ज्यादा अस्पताल जुड़े
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना के तहत 36,218 अस्पताल सूचीबद्ध किए गए हैं. इनमें 19,659 सरकारी और 16,559 निजी अस्पताल शामिल हैं. इससे लाभार्थियों को देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है. सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, टीकाकरण को मजबूत करने, सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के जरिए देश के स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है.
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