भारत साहित्य महोत्सव 2026 में संस्कृति, चेतना और उत्सव का एक मार्मिक क्षण देखने को मिला, जब भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के सीएमडी उपेंद्र राय ने ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज को संगीत में उनके असाधारण योगदान और पर्यावरण जागरूकता के लिए उनके अटूट वैश्विक समर्थन के लिए सम्मानित किया.
सीएमडी उपेंद्र राय ने क्या कहा?
इस समारोह ने मानवता को प्रेरित करने और पृथ्वी की रक्षा करने वाले विचारों के प्रति महोत्सव की व्यापक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया. सीएमडी उपेंद्र राय ने रिकी केज की कलात्मक उत्कृष्टता और पारिस्थितिक जिम्मेदारी के अनूठे संयोजन की क्षमता को मान्यता देते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया. उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे रिकी केज ने संगीत को पर्यावरण संवाद के एक शक्तिशाली माध्यम में बदल दिया है. उनका काम वैश्विक श्रोताओं तक पहुंचता है और जलवायु परिवर्तन, स्थिरता और प्रकृति के साथ सामंजस्य पर चर्चाओं को आकार देता है.
उपेंद्र राय ने केज को एक ऐसे रचनाकार के रूप में वर्णित किया जो केवल धुनें ही नहीं रचते, बल्कि उद्देश्यपूर्ण आंदोलनों का निर्माण करते हैं. अंतर्राष्ट्रीय ऑर्केस्ट्रा और संस्थानों के साथ अपने सहयोग के लिए विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त रिकी केज ने पर्यावरण संबंधी मुद्दों को बढ़ावा देने के लिए लगातार अपने मंच का उपयोग किया है.
उनका काम जैव विविधता के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने की आवश्यकता को रेखांकित करता है. संगीत के माध्यम से, वे जटिल पर्यावरणीय वास्तविकताओं को ऐसी भाषा में व्यक्त करते हैं जो सीमाओं, संस्कृतियों और पीढ़ियों से परे है.
संगीत, प्रकृति और वैश्विक उत्तरदायित्व
कार्यक्रम में बोलते हुए, सीएमडी उपेंद्र राय ने इस बात पर जोर दिया कि भारत साहित्य महोत्सव उन रचनाकारों का सम्मान करता है जो पारंपरिक सीमाओं से परे समाज को प्रभावित करते हैं. उन्होंने कहा कि रिकी केज वैश्विक विचारकों की एक नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं जो रचनात्मकता को उत्तरदायित्व के साथ जोड़ते हैं.
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे लोगों की आवाजें आज के युग में बेहद जरूरी हैं, जहां सांस्कृतिक प्रभाव जन चेतना और नीतिगत प्राथमिकताओं को आकार दे सकता है. यह सम्मान महोत्सव के उस व्यापक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है जिसमें साहित्य, संगीत, विचार नेतृत्व और सामाजिक प्रभाव को एक ही मंच पर एकीकृत किया गया है.
रिकी केज ने क्या कहा?
रिकी केज को सम्मानित करके, भारत साहित्य महोत्सव 2026 ने इस विचार को और पुष्ट किया कि कला में शिक्षा देने, लोगों को संगठित करने और व्यापक भलाई के लिए सामूहिक कार्रवाई को प्रेरित करने की शक्ति है. रिकी केज ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया और इस बात पर जोर दिया कि कलाकारों का यह नैतिक कर्तव्य है कि वे पृथ्वी के लिए आवाज उठाएं.
उन्होंने कहा कि संगीत का उद्देश्य केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि जागरूकता, सहानुभूति और परिवर्तन लाना भी होना चाहिए. यह क्षण भारत साहित्य महोत्सव 2026 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसने कला और सक्रियता के संगम का जश्न मनाया. इसने इस बात को फिर से साबित किया कि जब रचनात्मकता विवेक के साथ जुड़ती है, तो यह वैश्विक जिम्मेदारी और स्थायी प्रभाव को जन्म दे सकती है.