BRICS Summit 2026: ब्रिक्स समिट 2026 का आगाज हो चुका है और इसमें हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कई प्रमुख नेता नई दिल्ली पहुंच चुके हैं. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इस अहम सम्मेलन में शामिल होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच आज 12 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है. इस मुलाकात से पहले चीन की ओर से अहम बयान सामने आया है. भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने कहा है कि दोनों देशों के बीच मौजूद मतभेदों को सही तरीके से संभालते हुए उन्हें सुलझाने की दिशा में काम किया जाएगा.
मुलाकात से पहले चीन का आया बड़ा बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले चीनी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘चीन और भारत, राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी कर रहे हैं. कजान और तियानजिन में हुई मुलाकातों के बाद, यह लगातार तीसरा साल होगा जब दोनों नेता एक-दूसरे से मिलेंगे.’
China and India are arranging for the bilateral meeting between President Xi and Prime Minister Modi.
This will be the third year in a row for the two leaders to meet with each other, following their meetings in Kazan and Tianjin.
China will work with India to act on the strategic guidance of the two leaders, handle the bilateral relations from a strategic height and long-term perspective, step up communication, enhance cooperation, properly handle differences, and be friends enjoying good-neighborliness and partners helping each other succeed.
— Xu Feihong (@China_Amb_India) September 11, 2026
मतभेदों को सही तरीके से सुलझाएंगे BRICS Summit 2026
चीनी राजदूत ने आगे कहा कि ‘चीन, दोनों नेताओं के रणनीतिक निर्देशों पर अमल करने, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखने, बातचीत और सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने, और अच्छे पड़ोसी व एक-दूसरे की सफलता में मददगार साझेदार के तौर पर दोस्ती निभाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करेगा.’
बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही दोनों नेताओं की मुलाकात
गौर करने वाली बात है कि पिछले दो वर्षों में भारत और चीन के रिश्तों में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. साल 2024 में कज़ान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और 2025 में तियानजिन में हुए एससीओ समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम बातचीत हुई थी. लगातार तीसरे साल दोनों नेताओं की होने वाली यह मुलाकात द्विपक्षीय संबंधों में विश्वास बढ़ाने और आपसी सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.