मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट को मिली एक और उपलब्धि, पालघर में तीसरी पर्वतीय सुरंग की खुदाई पूरी

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Mumbai: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. महाराष्ट्र के पालघर जिले में तीसरी पर्वतीय सुरंग की खुदाई सफलतापूर्वक पूरी कर ली है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के मुताबिक 1 जून को दहानू तालुका के अंबेसरी गांव में स्थित MT-07 सुरंग का ‘ब्रेकथ्रू’ हासिल किया गया. पिछले पांच महीनों के भीतर पालघर जिले में यह तीसरी सुरंग है, जिसकी खुदाई पूरी हुई है.

सुरंग की लंबाई 417 और चौड़ाई 14.4 मीटर

एनएचएसआरसीएल के अनुसार, एमटी-07 सुरंग की लंबाई 417 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर है. इसे विशेष रूप से बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की अप और डाउन दोनों रेल लाइनों को समायोजित करने के लिए डिजाइन किया गया है. परियोजना के अधिकारियों का कहना है कि यह उपलब्धि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सबसे चुनौतीपूर्ण भौगोलिक हिस्सों में तेजी से हो रही प्रगति को दर्शाती है.

नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक का उपयोग

सुरंग निर्माण के दौरान कठिन पर्वतीय भूभाग को काटने के लिए नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया. इंजीनियरों ने सुरंग की खुदाई दोनों सिरों से एक साथ की, जिससे निर्माण कार्य को निर्धारित समय में पूरा करने में मदद मिली. निर्माण के दौरान सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक निगरानी प्रणालियों और भू-तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया गया.

रियल-टाइम मॉनिटरिंग तकनीक भी तैनात

परियोजना स्थल पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग तकनीकों को भी तैनात किया गया था. इनमें सरफेस सेटलमेंट प्वाइंट (SSP), 3D टारगेट, स्ट्रेन गेज और सिस्मोग्राफ जैसे उपकरण शामिल थे, जिनकी मदद से जमीन की गतिविधियों, कंपन और सुरंग के व्यवहार पर लगातार नजर रखी गई. इससे आस-पास की संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी. इसके अलावा श्रमिकों की सुरक्षा के लिए आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, अग्नि सुरक्षा उपाय और नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था लागू की गई थी.

तीनों पर्वतीय सुरंगों की खुदाई पूरी

एनएचएसआरसीएल ने बताया कि एमटी-07 के पूरा होने के साथ ही वापी (गुजरात) और बोइसर (महाराष्ट्र) स्टेशनों के बीच स्थित तीनों पर्वतीय सुरंगों (एमटी-08, एमटी-07 और एमटी-06) की खुदाई पूरी हो चुकी है. यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण औद्योगिक पट्टी से होकर गुजरता है, इसलिए इन सुरंगों का समय पर पूरा होना परियोजना के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.

आठ पर्वतीय सुरंगों का निर्माण

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत कुल आठ पर्वतीय सुरंगों का निर्माण किया जाना है. इनमें से सात सुरंगें महाराष्ट्र के पालघर जिले में और एक गुजरात के वलसाड जिले में बनाई जा रही है. इससे पहले फरवरी 2026 में पालघर के सफाले गांव के निकट दूसरी सुरंग का निर्माण पूरा हुआ था, जबकि जनवरी में एमटी-05 सुरंग का ब्रेकथ्रू हासिल किया गया था. 508 किलोमीटर लंबी मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना भारत की पहली और फिलहाल एकमात्र बुलेट ट्रेन परियोजना है.

परियोजना जापान सरकार की तकनीकी

यह रेल कॉरिडोर गुजरात, महाराष्ट्र और दादरा एवं नगर हवेली से होकर गुजरेगा. परियोजना जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता से विकसित की जा रही है. बुलेट ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय घटकर महज 1 घंटा 58 मिनट रह जाएगा. यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा.

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