Chhattisgarh: साय सरकार का बड़ा फैसला, अब एक शैक्षणिक सत्र में दो बार होंगी बोर्ड की परीक्षाएं

Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Chhatisgarh News: छत्तीसगढ़ में नव निर्वाचित बीजेपी सरकार लगातार कुछ ना कुछ बडे़ फैसले ले रही है. इसी कड़ी में राज्य की साय सरकार ने विद्यार्थियों के हित में बड़ा फैसला लिया है. सरकार के नए फैसले के तहत अब राज्य में एक शैक्षणिक सत्र में दो बार बोर्ड की परीक्षाएं होगी. बता दें कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर की ओर से कहा गया है कि पहली मुख्य परीक्षा मार्च के महीने में और दूसरी मुख्य परीक्षा जून-जुलाई में आयोजित की जाएगी. इससे बच्चों पर कम दबाव पड़ेगा. इस बाबत सोमवार को मंत्रालय से ये आदेश जारी कर दिया गया है.

CM साय ने दी जानकारी

इस फैसले को लेकर राज्य के सीएम विष्णु देव साय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है. उन्होंने लिखा, “तनाव मुक्त होंगे विद्यार्थी तो बेहतर होंगे परिणाम… छत्तीसगढ़ सरकार का विद्यार्थियों के हित में बड़ा निर्णय, एक शैक्षणिक सत्र में दो बार होंगी बोर्ड की परीक्षाएं. परीक्षा के तनाव से बच्चों को मुक्ति दिलाने राज्य शासन द्वारा यह पहल की गई है. प्रथम परीक्षा माह मार्च एवं द्वितीय परीक्षा माह जून-जुलाई में होगी. द्वितीय परीक्षा में पूरक और सभी विषयों में अनुत्तीर्ण छात्र भी हो सकेंगे शामिल. द्वितीय परीक्षा का परीक्षा परिणाम दोनों परीक्षाओं में से विषयवार अधिक प्राप्तांक के आधार पर होगा तैयार.”

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है. राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं में बदलाव को लेकर आदेश जारी कर दिया गया है. स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है.

अंक सुधार का मिलेगा विकल्प

जानकारी के अनुसार प्रथम परीक्षा में पंजीकृत छात्र ही द्वितीय परीक्षा आवेदन पत्र भरने के लिए पात्र होंगे. हालांकि विषय परिवर्तन मान्य नहीं होगा. जो विद्यार्थी प्रथम परीक्षा के बाद द्वितीय परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं उनको अनिवार्य रूप से आवेदन पत्र भरना होगा.

मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार उत्तीर्ण छात्र अंक सुधार के लिए एक विषय, दो विषय या अधिक विषय में परीक्षा आवेदन भर सकते है. वहीं, द्वितीय परीक्षा में वे छात्र भी सम्मिलित हो सकते है जो प्रथम परीक्षा में परीक्षा आवेदन फार्म भरने के बाद अनुपस्थित रहे हों. जानकारी दें कि दोनों परीक्षाओं में से विषयवार अधिक प्राप्तांक के आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा.

यह भी पढ़ें: Vedic clock: इस शहर में लगी दुनिया की पहली वैदिक घड़ी, 24 नहीं 30 घंटे का एक दिन! जानिए खासियत 

Latest News

Navratri Kalash Visarjan: नवरात्रि के आखिरी दिन इस विधि से करें कलश विसर्जन, भरी रहेगी तिजोरी

Navratri Kalash Visarjan 2026: हिन्‍दू धर्म में महापर्व शारदीय नवरात्रि का खास महत्व है. नवरात्रि के नौ दिनों तक...

More Articles Like This

Exit mobile version