शुक्रवार सुबह से शरू होगा धार में भोजशाला परिसर का ASI सर्वे, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

Shubham Tiwari
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Sub Editor The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Dhar Bhojshala ASI Survey: मध्य प्रदेश के धार जिल में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) कल यानी शुक्रवार से शुरू होगा. बता दें कि इंदौर हाई कोर्ट के आदेश के बाद यह सर्वे किया जाएगा. हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक विवादास्पद भोजशाला परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण शुक्रवार सुबह से शुरू होगा.

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण के अपर निदेशक ने इंदौर डिविशनल कमिश्नर, धार जिले के कलेक्टर, एसपी को पत्र लिखा है, जिसमें सर्वे की बात कही गई है. धार के पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने एएसआई का यह पत्र मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि भोजशाला परिसर में एएसआई के शुक्रवार अलसुबह से प्रस्तावित सर्वेक्षण के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं

ज्ञानवापी के बाद भोजशाला की बारी!

दरअसल, मध्य प्रदेश के धार जिले के भोजशाला का ज्ञानवापी की तरह सर्वे किया जाएगा. बताते चले कि कोर्ट के आदेश के बाद भोजशाला मामले को लोग ज्ञानवापी मस्जिद की तरह देख रहे हैं. यूपी की वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद में हुए ASI के सर्वे के बाद हिंदू पक्ष को वहां पूजा का अधिकार मिल गया है. दोनों ही मामलों में काफी समानताएं हैं. सर्वे के बाद ये तय हो पाएगा कि आखिर भोजशाला पर किसका अधिकार होता है.

6 सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर हाई कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए दो न्यायाधीशों की बेंच ने एएसआई के 5 सदस्यों की एक कमेटी गठित कर दो पीटीशनरो की मौजूदगी में पूरे मामले पर सर्वे कर बंद लिफाफे में रिपोर्ट 6 सप्ताह के अंदर पेश किए जाने की बात कही गई है, जिसमें यह तय किया जाएगा की भोजशाला पर आखिर अधिकार किसका है.

जानिए क्या है विवाद

धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को हिन्दू संगठन वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानते हैं, हिंदुओं का मानना है कि राजवंश के शासनकाल के दौरान कुछ समय के लिए मुसलमानों को भोजशाला में नमाज की अनुमति मिली थी. जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला की मस्जिद बताते हैं. हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने 11 मार्च को सुनाए आदेश में कहा था, ‘‘ इस अदालत ने केवल एक निष्कर्ष निकाला है कि भोजशाला मंदिर-सह-कमाल मौला मस्जिद परिसर का जल्द से जल्द वैज्ञानिक सर्वेक्षण और अध्ययन कराना एएसआई का संवैधानिक और कानूनी दायित्व है.” हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद अब सर्वे होगा, जिसके बाद स्थिति साफ हो जाएगी.

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