चुनाव आयोग का बड़ा फैसला..’देशभर में अब एक साथ लागू होगा SIR’, फिर से शुरू होगी राजनीतिक जंग

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Delhi: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले SIR को लेकर काफी विवाद चल रहा है. इसी बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को बड़ा निर्णय लिया है. आयोग का कहना है कि पूरे देश में एक साथ इसे लागू किया जाएगा. इसके लिए 10 सितंबर को दिल्ली में चुनाव आयोग की मुख्य चुनाव अधिकारियों के साथ बड़ी बैठक होगी. ऐसे में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक जंग फिर से शुरू होने की संभावना है.

सभी राज्यों के चुनाव आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल 

बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होगी. इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (CEO) ज्ञानेश कुमार के अलावा सभी राज्यों के चुनाव आयुक्त और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. बिहार में चलाया गया SIR अभियान एक राजनीतिक लड़ाई का रूप ले चुका है. राजद, कांग्रेस, भाकपा, माकपा, तृणमूल कांग्रेस, सपा सहित कई विपक्षी दलों ने बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने पर विरोध दर्ज कराया है. साथ ही चुनाव आयोग पर कई सवाल उठाए हैं.

CM ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने SIR अभियान का किया विरोध

अगले साल पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं. ऐसे में चुनाव आयोग पूरे देश में SIR करा सकता है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने SIR अभियान का विरोध किया है, जबकि भाजपा शासित राज्यों ने चुनाव आयोग का समर्थन किया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने पिछले महीने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार में SIR को लेकर आयोग पर लगे पक्षपात के आरोपों को खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा था कि कुछ लोग भ्रम फैलाकर और चुनाव निकाय तथा मतदाताओं, दोनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर मतदाताओं को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

चुनाव आयोग सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलीभगत कर रहा है..!

किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना मुख्य चुनाव आयुक्त ने अप्रत्यक्ष रूप से विपक्ष के इस दावे का जवाब दिया कि चुनाव आयोग सत्तारूढ़ भाजपा के साथ मिलीभगत कर रहा है. दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि जब चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर और मतदाताओं को निशाना बनाकर राजनीति की जा रही है तो चुनाव आयोग यह स्पष्ट करना चाहता है कि वह बिना किसी भेदभाव और निबेक होकर सभी मतदाताओं गरीब, अमीर, बुजुर्ग, महिला, युवा और हर धर्म के साथ चट्टान की तरह खड़ा है.

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