Tony Abbott PM Modi: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है.
PM Modi के हुए मुरीद Tony Abbott
भारत ने हाल ही में रायसीना डायलॉग 2026 के 11वें संस्करण का आयोजन किया था. इसकी अहमियत पर बात करते हुए ऑस्ट्रेलियाई पूर्व पीएम एबॉट ने यह बात कही. रणनीतिक फोरम की बढ़ती वैश्विक अहमियत, इसकी शुरुआत और भारत की विदेश नीति में नेतृत्व की भूमिका पर बात करते हुए एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है. यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है. दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है.”
आज दुनिया के तीसरे सबसे ताकतवर नेता हैं पीएम मोदी
एबॉट ने पीएम मोदी के नेतृत्व की स्टाइल और आज दुनिया के सबसे असरदार नेताओं में से एक होने के बावजूद ग्लोबल आवाजों को सुनने की उनकी इच्छा की सराहना की. हर साल डायलॉग के ओपनिंग सेशन में प्रधानमंत्री की मौजूदगी का जिक्र करते हुए, एबॉट ने कहा, “अब तक हर डायलॉग में, प्रधानमंत्री मोदी ने ओपनिंग सेशन में आकर, मुख्य मेहमान को सुनकर मिसाल कायम की है, पिछले साल न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति, लेकिन खुद नहीं बोले.”
अब तक सत्ता के अहंकार से खुद को दूर रखने में सफल रहे
एबॉट ने कहा कि पीएम मोदी आज दुनिया के तीसरे सबसे ताकतवर नेता हैं. अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बाद, वह शायद दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान हैं, फिर भी वह नेतृत्व करने का घमंड नहीं करते और दूसरों को सुनने की कला भी रखते हैं. एक दशक से ज्यादा ऑफिस में रहने के बावजूद, शायद हिंदू साधु की तरह अपने युवावस्था के अनुभवों के कारण, अब तक सत्ता के अहंकार से खुद को दूर रखने में सफल रहे हैं.
इस आलोचना को किया खारिज
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है. उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है. जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है. और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए. आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया.”