गूगल मैप ने ली चार की जान, वैन समेत नदी में गिरा परिवार, बच्ची व तीन महिलाओं की डूबकर मौत

Chittorgarh: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में बुधवार तड़के गूगल मैप का सहारा लेना एक परिवार को भारी पड़ गया. परिवार से भरा वैन बंद पड़ी पुलिया पर पहुंच गई. तेज बहाव वाली बनास नदी में वैन समेत तीन लोग बह गए. जबकि, एक 6 साल की बच्ची अब तक लापता है. यह घटना राशमी थाना क्षेत्र के सोमी- उपरेड़ा पुलिया पर रात करीब एक बजे के आस पास हुई.

रास्ता भटकने के बाद ली गूगल मैप की मदद

कानाखेड़ा गांव थाना भूपालसागर का यह परिवार भीलवाड़ा जिले स्थित सवाई भोज मंदिर से लौट रहा था. देर रात रास्ता भटकने के बाद उन्होंने गूगल मैप की मदद ली. लेकिन ऐप ने उन्हें तीन साल से बंद पड़ी पुलिया तक पहुंचा दिया. उस समय मातृकुंडिया डैम के गेट खुले होने से नदी उफान पर थी. ड्राइवर ने बहाव के बीच से वैन निकालने का प्रयास किया लेकिन पानी के दबाव में वाहन फंस गया और कुछ ही देर में 300 मीटर दूर बह गया.

पांच ने ऊपर चढ़कर किसी तरह बचाई जान

पुलिस के मुताबिक, हादसे के दौरान वैन में 9 लोग सवार थे. इसमें से पांच ने ऊपर चढ़कर किसी तरह जान बचाई. ग्रामीणों और मछुआरों की मदद से इन्हें रात में ही नाव से सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें दो शिशु भी शामिल थे. सुबह तक राहत- बचाव अभियान चलाकर चार साल की बच्ची खुशी, चंदा (21) पत्नी हेमराज और ममता (25) पत्नी मदन के शव बरामद किए गए. छह वर्षीय रूत्वी पुत्री हेमराज की तलाश अब भी जारी है.

इसे भी पढें. अमेरिका की ओर से भारत पर एडिशनल टैरिफ हुआ लागू, फार्मा समेत इन सेक्टर पर…

Latest News

घर से निकलते समय दही-शक्कर खिलाने की परंपरा क्यों है खास? जानिए इसका रहस्य

परीक्षा, इंटरव्यू, यात्रा या किसी शुभ काम से पहले दही-शक्कर खिलाने की परंपरा भारत में लंबे समय से चली आ रही है. जानिए क्यों इसे शुभ माना जाता है और इसके पीछे क्या वैज्ञानिक कारण हैं.

More Articles Like This

Exit mobile version