आरजी कर केस में जांच फिर तेज, CBI ने जब्त किया संदिग्ध महिला कर्मचारी का मोबाइल, अब फोन से खुलेगा राज

West Bengal: पश्चिम बंगाल के चर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की जूनियर महिला डॉक्टर से रेप व हत्या के मामले में जांच एजेंसी सीबीआई ने जांच फिर तेज कर दी है. सीबीआई ने घटना वाली रात अस्पताल की उसी इमारत में ड्यूटी पर मौजूद सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है. इसी बीच एक महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है. फोन की फोरेंसिक जांच से कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.

इसी कर्मचारी ने परिवार से किया था संपर्क 

जांच में सबसे ज्यादा ध्यान जिस नए कदम पर है, वह एक महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन जब्त किया जाना है. 9 अगस्त की सुबह सेमिनार रूम में पीड़िता का शव मिलने के बाद सबसे पहले इसी कर्मचारी ने उसके परिवार से संपर्क किया था. परिवार की ओर से आरोप लगाया गया था कि अलग-अलग समय पर फोन पर दी गई जानकारी में विरोधाभास था. इसी वजह से जांचकर्ताओं ने मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लिया है. अब फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.

दूसरे डिजिटल डेटा की पड़ताल

जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड और दूसरे डिजिटल डेटा की पड़ताल कर रहे हैं. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि घटना के बाद किससे संपर्क हुआ, कब हुआ और बातचीत का घटनाक्रम क्या था. सीबीआई की नई विशेष जांच टीम ने 8 अगस्त 2024 की रात आरजी कर अस्पताल की इमारत में मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों से दोबारा पूछताछ शुरू की है. इसी इमारत के सेमिनार रूम में जूनियर महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी.

किसकी क्या ड्यूटी थी?

नई टीम का फोकस यह पता लगाने पर है कि घटना के समय कौन-कौन लोग अस्पताल की इमारत में थे. किसकी क्या ड्यूटी थी? किसने क्या देखा? किसे कब जानकारी मिली? शुरुआती जांच में इन सवालों पर कितना काम हुआ था, इसे भी दोबारा परखा जा रहा है. पीड़िता के परिवार ने पहले ही आरोप लगाया था कि शुरुआती जांच में उस समय इमारत या संबंधित मंजिल पर मौजूद लोगों से पर्याप्त पूछताछ नहीं हुई. अब इसी बिंदु को जांच में अहम माना जा रहा है.

जांच टीम की प्रगति पर नाराजगी

कलकत्ता हाई कोर्ट की खंडपीठ ने नई जांच टीम की प्रगति पर नाराजगी जताई थी. अदालत ने सीबीआई को सलाह दी थी कि वह पिछली जांच से प्रभावित हुए बिना मामले को नए सिरे से देखे. इसके बाद जांच एजेंसी की गतिविधियां तेज हुई हैं. नई टीम पुराने निष्कर्षों को अंतिम आधार मानने के बजाय घटनाक्रम को फिर से जोड़ने की कोशिश कर रही है. इसका मतलब है कि पहले दर्ज किए गए बयान, ड्यूटी से जुड़े रिकॉर्ड और उस रात की गतिविधियों को नए नजरिए से देखा जा सकता है.

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