Haunted Places in India: भारत अपनी खूबसूरत वादियों, ऐतिहासिक इमारतों और शांत पर्यटन स्थलों के लिए जाना जाता है, जहां लोग बेफिक्र होकर अपनी छुट्टियां बिताते हैं. लेकिन इसी भारत में कुछ ऐसी जगहें भी हैं, जहां सूरज ढलते ही हवा का मिजाज बदल जाता है और माहौल खौफनाक हो उठता है. इन जगहों पर दिन में सैलानियों की चहल-पहल रहती है, लेकिन जैसे ही अंधेरा छाता है, वहां कदम रखना तक मना हो जाता है.
स्थानीय लोगों का दावा है कि इन जगहों पर रात के समय अजीब परछाइयां, अनजानी आवाजें और रहस्यमयी गतिविधियां देखने को मिलती हैं. यही वजह है कि इन लोकेशनों को “भूतिया” माना जाता है और यहां रुकने की सख्त मनाही है. अगर आप भी डर, रहस्य और रोमांच की दुनिया में झांकने का साहस रखते हैं, तो आइए जानते हैं भारत की उन 10 हॉरर लोकेशनों के बारे में, जहां आज भी लोग जाने से पहले सौ बार सोचते हैं.
भानगढ़ किला
राजस्थान के अलवर में मौजूद भानगढ़ किला भारत की सबसे भूतिया जगहों में गिना जाता है. लोककथाओं के मुताबिक, एक तांत्रिक ने खूबसूरत राजकुमारी रत्नावती को अपने वश में करने के लिए काले जादू का इस्तेमाल किया था, लेकिन जब उसकी चाल नाकाम हुई तो उसने पूरे किले को श्राप दे दिया. कहा जाता है कि उसी श्राप के बाद यह इलाका उजड़ गया. आज भी सूरज ढलते ही यहां का माहौल बदल जाता है. लोगों ने किले के अंदर अजीब फुसफुसाहटें, कदमों की आहट और परछाइयां घूमते हुए देखने का दावा किया है. यही वजह है कि प्रशासन ने सूर्यास्त के बाद इस किले में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है. हालांकि, दिन में यह किला अपनी ऐतिहासिक खूबसूरती से पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन रात होते ही यह जगह डर का अड्डा बन जाती है.
डुमास बीच
गुजरात के सूरत के पास मौजूद डुमास बीच अपनी काली रेत और खौफनाक कहानियों के लिए कुख्यात है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जगह कभी श्मशान घाट हुआ करती थी, जहां शवों का अंतिम संस्कार किया जाता था. शायद यही वजह है कि आज भी यहां रात के समय अजीब सन्नाटा, रहस्यमयी रोशनियां और किसी के धीरे-धीरे चलने जैसी आवाजें सुनाई देती हैं. कई लोगों ने दावा किया है कि उन्हें यहां अनदेखी परछाइयां घूमती हुई महसूस हुई हैं और कानों में किसी के फुसफुसाने जैसी आवाजें आती हैं. दिन में यह बीच लोगों को आकर्षित करता है, लेकिन स्थानीय लोग शाम ढलने के बाद वहां रुकने से बचते हैं.
अग्रसेन की बावली
दिल्ली के दिल में मौजूद अग्रसेन की बावली बाहर से जितनी खूबसूरत दिखती है, अंदर से उतनी ही खौफनाक मानी जाती है. यह पुराना सीढ़ीनुमा कुआं रहस्यमयी घटनाओं के लिए कुख्यात है. यहां आने वाले कई लोगों का कहना है कि जैसे-जैसे वे नीचे उतरते हैं, हवा भारी होने लगती है और एक अजीब-सी बेचैनी दिल पर छाने लगती है. कई लोगों ने सीढ़ियों पर चलते हुए कानों में फुसफुसाहटें, कदमों की आहट और अनजानी परछाइयां महसूस करने का दावा किया है. कुछ का तो यह भी कहना है कि उन्हें ऐसा लगा जैसे कोई अदृश्य ताकत उन्हें नीचे काले पानी की ओर खींच रही हो. यही वजह है कि आज भी लोग इस बावली में ज्यादा देर तक रुकने से डरते हैं.
रामोजी फिल्म सिटी
हैदराबाद की रामोजी फिल्म सिटी भले ही बाहर से चमक-दमक और फिल्मों की दुनिया जैसी लगे, लेकिन इसके भीतर कई डरावने रहस्य छिपे हुए बताए जाते हैं. कहा जाता है कि यह विशाल परिसर किसी पुराने युद्धक्षेत्र पर बना है, जहां कभी सैकड़ों सैनिकों की जान गई थी. स्थानीय लोगों और कुछ फिल्मी क्रू का दावा है कि उन्हीं आत्माओं की मौजूदगी आज भी यहां महसूस की जाती है. शूटिंग के दौरान यहां बिना किसी वजह के लाइट्स का गिर जाना, कैमरों का अचानक खराब हो जाना और कलाकारों को किसी के छूने जैसा एहसास होना जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं. कई लोगों ने बताया है कि उन्हें खाली सेट पर किसी के चलने-फिरने और फुसफुसाने की आवाजें सुनाई दी हैं. भले ही आज भी यहां फिल्मों की शूटिंग होती है, लेकिन अंधेरा होते ही रामोजी फिल्म सिटी का माहौल बेहद डरावना हो जाता है.
शनिवारवाड़ा किला
पुणे का शनिवारवाड़ा किला बाहर से जितना भव्य और ऐतिहासिक दिखता है, अंदर से उतना ही खौफनाक माना जाता है. कहा जाता है कि यहीं मराठा राजकुमार नारायणराव की बेरहमी से हत्या की गई थी. उसकी दर्दभरी चीख — “काका, माला वाचवा” — आज भी इस किले की दीवारों में गूंजती बताई जाती है. स्थानीय लोगों का दावा है कि पूर्णिमा की रातों में किले के भीतर से किसी बच्चे के रोने और मदद की गुहार लगाने जैसी आवाजें सुनाई देती हैं. दिन में यह जगह सैलानियों से भरी रहती है, लेकिन जैसे ही अंधेरा छाता है, पूरा माहौल बदल जाता है और किला डर और रहस्य का अड्डा बन जाता है.
जटिंगा गांव
असम का जटिंगा गांव दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहों में गिना जाता है. हर साल सितंबर और अक्टूबर की चांदनी रातों में यहां एक अजीब और डरावनी घटना होती है. सैकड़ों पक्षी अचानक आसमान से नीचे गिरने लगते हैं और कई तो मौके पर ही मर जाते हैं. यह नज़ारा इतना भयानक होता है कि देखने वाले सहम जाते हैं. हैरानी की बात यह है कि वैज्ञानिक आज तक इस रहस्य को पूरी तरह नहीं सुलझा पाए हैं. न मौसम, न चुंबकीय ताकत और न ही कोई बीमारी — कोई भी वजह इस घटना को पूरी तरह समझा नहीं पाई है. इसी वजह से जटिंगा गांव आज भी रहस्य और डर का प्रतीक बना हुआ है.
मुकेश मिल्स
मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित मुकेश मिल्स आज एक वीरान और खौफनाक जगह बन चुकी है. कहा जाता है कि 1980 में यहां लगी भीषण आग के बाद यह मिल हमेशा के लिए बंद कर दी गई थी, लेकिन इसके साथ ही इस जगह से जुड़ी डरावनी कहानियां भी शुरू हो गईं. स्थानीय लोगों और फिल्म क्रू का दावा है कि शाम ढलते ही यहां अजीब सन्नाटा छा जाता है और अंदर से किसी के चलने, दरवाज़े खटखटाने और परछाइयों के हिलने जैसी आवाजें सुनाई देने लगती हैं. कई लोगों ने यहां बिना किसी वजह के डर और घबराहट महसूस करने की बात भी कही है. दिन में यह जगह सामान्य लगती है, लेकिन अंधेरा होते ही मुकेश मिल्स एक डरावना रहस्य बन जाती है.
डाउ हिल
पश्चिम बंगाल के कुर्सेओंग में मौजूद डाउ हिल को भारत की सबसे खौफनाक जगहों में गिना जाता है. यहां स्थित विक्टोरिया बॉयज हाई स्कूल के आसपास कई लोगों ने एक सिर कटा हुआ लड़का घूमते हुए देखने का दावा किया है, जो अचानक गायब हो जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके के जंगलों में अतीत में कई रहस्यमयी मौतें हुई थीं, जिनकी आत्माएं आज भी भटकती हैं. यहां आने वाले सैलानियों ने भी कदमों की आहट, किसी के पीछा करने का एहसास और अचानक भारीपन महसूस करने की बात कही है. यही वजह है कि डाउ हिल से लौटते वक्त लोगों के मन में एक अजीब-सी घबराहट बनी रहती है.
लांबी देहर माइंस
मसूरी के पास स्थित लांबी देहर माइंस आज एक वीरान और खौफनाक जगह बन चुकी है. 1990 के दशक में यहां काम करने वाले कई मजदूरों की रहस्यमयी हालात में मौत हो गई थी, जिसके बाद से इस इलाके को आत्माओं का बसेरा माना जाने लगा. स्थानीय लोगों और कुछ साहसी यात्रियों का कहना है कि यहां रात के समय अजीब चीखें, किसी के रोने की आवाजें और परछाइयां घूमती हुई दिखाई देती हैं. कई लोगों ने तो यह भी महसूस किया है कि कोई अनदेखी ताकत उनका पीछा कर रही हो. भले ही दिन में यह जगह सामान्य दिखती हो, लेकिन अंधेरा होते ही लांबी देहर माइंस डर और रहस्य की दुनिया में बदल जाती है, इसलिए लोग यहां रात में आने से कतराते हैं.
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