‘मैं राम भक्त हूं, मुझे 6 नहीं 14 साल के लिए पार्टी से निकाले कांग्रेस’, निष्कासन के बाद बोले आचार्य प्रमोद कृष्णम

Abhinav Tripathi
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Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Expelled Congress leader Acharya Pramod Krishna: कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण कल कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. इसके बाद निष्कासित कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि राम और राष्ट्र से बड़ा कुछ भी नहीं है. आज दोपहर उन्होंने काल्कि धाम से एक पीसी की और कहा कि मुझे पद से मुक्त करने के लिए मैं कांग्रेस को धन्यवाद देना चाहता हूं. आइए आपको बताते हैं क्या कुछ उन्होंने कहा…

क्या बोले पूर्व कांग्रेस नेता?

निष्कासित कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने आज काल्कि धाम से प्रेस वार्ता को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मुझे कल पता चला कि कांग्रेस ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण मुझे छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. मुझे पद से मुक्त करने के लिए मैं कांग्रेस को धन्यवाद देना चाहता हूं.

निष्कासन पर आचार्य प्रमोद कृष्णम का कहना है, “कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल को बताना चाहिए कि कौन सी गतिविधियां पार्टी विरोधी हैं? क्या भगवान राम का नाम लेना पार्टी विरोधी है? क्या अयोध्या जाना पार्टी विरोधी है?”

मुझे 14 सालों के लिए निष्कासित कर दे पार्टी

पीसी में निष्कासित कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भगवान राम को भी 14 साल के लिए वनवास भेजा गया था क्योंकि मैं राम भक्त हूं, मैं चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी मुझे 6 साल के बजाय 14 साल के लिए निष्कासित कर दे.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा कई ऐसे फैसले लिए गए जिनसे मैं सहमत नहीं था, जैसे धारा 370 को निरस्त करने का विरोध करना. कांग्रेस को इसका विरोध नहीं करना चाहिए था. कांग्रेस को डीएमके नेताओं का समर्थन नहीं करना चाहिए था जब वे सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया से कर रहे थे.

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