Independence Day 2026: आज भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. पूरा देश आजादी के जश्न में डूबा है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया. देश के इतिहास में पहली बार लाल किले पर ‘वंदे मातरम’ गाया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने लालकिले से देश को संबोधित किया.
PM Modi का राष्ट्र के नाम संबोधन
लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज हम सब 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं. आज हर दिल की धड़कन ‘वंदे मातरम’ के नाद से गूंज रही है. आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है. देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर आज आगे बढ़ रहा है.
महान क्रांतिकारियों को किया नमन Independence Day 2026
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “आप सबको स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं हैं. देश आज उन महान सपूतों का फिर से स्मरण करता है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए त्याग और बलिदान की पराकाष्ठा की.” उन्होंने कहा कि अपने तप त्याग और बलिदान से आजादी के एकमात्र लक्ष्य को लेकर, अपनी पूरी जिंदगी खपा दी. पूज्य बापू समेत सभी स्वतंत्रता सेनानियों को बलिदान की महान परंपरा जगाने वाले, महान क्रांतिकारियों को आज मैं श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं.
Addressing the nation on Independence Day.https://t.co/Q67F6cB96x
— Narendra Modi (@narendramodi) August 15, 2026
आज एक ऐतिहासिक पल भी है
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज जो इस समारोह में उपस्थित हैं, उन सभी के लिए आज एक ऐतिहासिक पल भी है. आजादी के बाद 15 अगस्त, लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गूंज रहा है. आज जब हम देश के लोग ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष मना रहे हैं, तो इससे बड़ा उत्तम अवसर क्या हो सकता है.”
प्राकृतिक आपदाओं का किया जिक्र
इस दौरान पीएम मोदी ने देश के कुछ हिस्सों में आई प्राकृतिक आपदाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ का प्रकोप रहा, भूस्खलन का प्रकोप रहा, अनेक परिवार प्रभावित हुए. उनके दुख दर्द को हम भलीभांति अनुभव करते हैं. पीड़ित परिवारों को मैं विश्वास दिलाता हूं कि हम और पूरा देश उनके साथ खड़े हैं.
सभी ने देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रयास किया
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरे प्यारे देशवासियों, और मैं यह बात यूं ही नहीं कह रहा हूं. पिछले 12 वर्षों में, देश के करोड़ों-करोड़ नागरिकों ने – चाहे वे दलित हों, शोषित हों, वंचित हों, आदिवासी हों, गांवों में रहने वाले हों या शहरों में, गरीब हों या मध्यम वर्ग के, चाहे युवा हों, बुजुर्ग हों, महिलाएं हों या पुरुष; चाहे उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम से हों – सभी ने पिछले 12 वर्षों में दृढ़ संकल्प और समर्पण के साथ देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हर संभव प्रयास किया है. मैं उनके प्रयासों को नमन करता हूं और उनका सम्मान करता हूं.’
2047 में विकसित भारत बनाकर रहेंगे
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘आज भारत ने एक बहुत बड़ा सपना देखा है. इसे पूरे संकल्प के साथ देखा है. इसे नई ऊंचाइयों तक ले जाने का सपना देखा है. और वह सपना यह है कि जब भारत 2047 में अपनी आज़ादी के 100 साल पूरे करेगा, तब हम निश्चित रूप से एक ‘विकसित भारत’ का निर्माण करेंगे और उसे साकार करेंगे. 140 करोड़ देशवासियों की कड़ी मेहनत और प्रयासों से हमें यह लक्ष्य हासिल करना है. और जब दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश विकसित बनने का संकल्प लेता है, तो यह पूरी दुनिया के सामने हमारे साहस का प्रमाण बन जाता है. दुनिया हमारे प्रति अपना नज़रिया बदलने पर मजबूर हो जाती है.’