Patna: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का फर्जी निजी सहायक (PA) बनकर जेल में बंद आरोपियों की पैरवी करने वाले एक शख्स को पटना की सचिवालय थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी खुद को केंद्रीय मंत्री का पीए बताकर लोगों पर प्रभाव जमाता था और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करता था. सचिवालय थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है.
शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू
जांच इस बात की भी की जा रही है कि आरोपी अकेले इस पूरे खेल को अंजाम दे रहा था या उसके साथ कोई और भी शामिल था. पुलिस उसके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और दस्तावेजों की भी जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई. जांच में सामने आया कि वह केंद्रीय मंत्री के निजी सहायक होने का झूठा दावा कर विभिन्न मामलों, खासकर जेल से जुड़े मामलों में पैरवी कर रहा था. इसके बाद सचिवालय थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया.
अधिकारियों पर प्रभाव डालने की कोशिश
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी एक जेल में बंद व्यक्ति के मामले में केंद्रीय मंत्री के पीए के नाम का इस्तेमाल कर पैरवी कर रहा था. वह खुद को मंत्री का करीबी बताकर अधिकारियों पर प्रभाव डालने की कोशिश करता था. पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि उसने कितने लोगों से संपर्क किया और क्या इस नाम का इस्तेमाल कर किसी तरह का आर्थिक लाभ भी लिया.
पूरे मामले की गहन जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपी ने मंत्री के नाम का इस्तेमाल कर लोगों से ठगी की है या सरकारी कामकाज को प्रभावित करने की कोशिश की है, तो उसके खिलाफ अन्य धाराओं में भी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और आरोपी के नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास कर रही है.
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