New Delhi: दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को साल 1998 के एक एफडी में हेराफेरी मामले को लेकर दोषी करार देते हुए 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है. विधायक के सह-आरोपी रघुवीर शरण प्रजापति को भी तीन वर्ष के कारावास की सज़ा सुनाई गई है. दो वर्ष से अधिक सजा होने के कारण विधायक राजेंद्र की विधायकी पर खतरा मंडरा गया है. उनकी विधायकी जा सकती है और दतिया में उप चुनाव हो सकता है.
कोर्ट से 15 दिन की जमानत भी मिली
सजा के तुरंत बाद उन्हें कोर्ट से 15 दिन की जमानत भी मिल गई है. कांग्रेस विधायक को कल दिल्ली में गिरफ्तार किया था. यह पूरा मामला उस समय का है जब भारती जिला सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष थे और उन पर अपने पिता के संस्थान के नाम पर कराई गई 10 लाख की एफडी के ब्याज को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निकालने का आरोप सिद्ध हुआ है.
बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति भी दोषी
अदालत ने उन्हें आपराधिक साजिश (120B) और धोखाधड़ी (420, 467, 468, 471) जैसी गंभीर धाराओं के तहत सजा सुनाई है, जिसमें उनके साथ बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी माना गया है. अभियोजन पक्ष का कहना है कि भारती ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एफडी की अवधि पहले तीन साल से बढ़ाकर दस साल और फिर पंद्रह साल कर दी.
जा सकती है विधायकी
इस दौरान एफडी पर वही ऊंची ब्याज दर लागू रही. आरोप है कि इससे बैंक को नुकसान हुआ और लाभ सीधे तौर पर भारती के परिवार को मिला. नियमतः दो साल से अधिक की सजा होने के कारण भारती की विधानसभा सदस्यता पर अब खतरे के बादल मंडरा रहे हैं, लेकिन यदि वे अगले 60 दिनों के भीतर हाई कोर्ट में अपील कर सजा पर स्थगन प्राप्त कर लेते हैं, तो उनकी विधायकी सुरक्षित रह सकती है.
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